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बागपत में बड़ी धोखाधड़ी, 22 आरोपियों में श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ शामिल

वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश – बागपत ज़िले में एक बड़े निवेश धोखाधड़ी मामले में बॉलीवुड अभिनेता श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ समेत कुल 22 लोगों को नामज़द किया गया है। आरोप है कि आरोपियों ने कथित तौर पर 500 से ज़्यादा निवेशकों को फ़र्ज़ी सहकारी समिति में निवेश का लालच देकर लगभग ₹5 करोड़ की ठगी की।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने निवेशकों को पाँच साल में पैसा दोगुना करने का वादा कर निवेश करवाया। दोनों अभिनेता कथित तौर पर सहकारी समिति के ब्रांड एंबेसडर थे, जिससे योजना को निवेशकों के बीच विश्वसनीयता मिली।

बागपत कोतवाली के थाना प्रभारी डीके त्यागी ने पुष्टि करते हुए बताया कि 20 अक्टूबर, 2025 को सभी 22 आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) और 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत, साथ ही अनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम की धारा 21 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। उन्होंने कहा, “हम कंपनी के डिजिटल लेन-देन, बैंक खातों और मोबाइल एप्लिकेशन की जाँच कर रहे हैं। ज़रूरत पड़ने पर आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की मदद ली जाएगी।”

स्थानीय निवासी और पीड़ित बबली ने बताया कि लोनी अर्बन मल्टी-स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड का इस्तेमाल पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुछ ग्रामीण इलाकों में धन जुटाने के लिए किया गया। कंपनी के एजेंट बागपत, शामली और मेरठ सहित कई जिलों में सक्रिय थे, जहाँ उन्होंने विभिन्न योजनाओं के तहत बड़ी रकम जमा की।

पीड़ितों का कहना है कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि उनकी जमा राशि सुरक्षित है और कंपनी केंद्रीय कृषि एवं सहकारिता मंत्रालय में पंजीकृत है। इस वादे के लालच में कई ग्रामीणों ने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी निवेश कर दी। बबली ने दावा किया कि उन्होंने हरियाणा के समालखा शाखा में ₹1.9 लाख जमा किए थे।

कथित धोखाधड़ी का पर्दाफाश तब हुआ जब कंपनी ने 27 नवंबर, 2024 को अचानक सभी वित्तीय लेन-देन रोक दिए और अपने सॉफ़्टवेयर सिस्टम को बंद कर दिया। निवेशकों ने जब संपर्क करने की कोशिश की, तो कंपनी के प्रतिनिधियों ने कोई जवाब नहीं दिया। बाद में यह खुलासा हुआ कि कंपनी ने 25 से अधिक प्रतिनिधि नियुक्त किए थे, जिन्होंने कुल ₹5 करोड़ से अधिक राशि वसूली।

पीड़ितों ने ज़िला मजिस्ट्रेट अस्मिता लाल को पत्र सौंपते हुए आरोपियों के नाम, पते और संपर्क विवरण सूचीबद्ध किए। शिकायत में यह भी दावा किया गया कि कंपनी ने एफडी, आरडी, सुकन्या योजना, आयुष्मान योजना, बचत खाते और एटीएम-लिंक्ड पॉलिसियों जैसी योजनाओं के ज़रिए निवेशकों का पैसा इकट्ठा किया।

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान डिजिटल लेन-देन और बैंक खातों की विस्तार से जांच की जाएगी और आवश्यकतानुसार ईओडब्ल्यू से मदद ली जाएगी।

Jitendra Maurya

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