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सहारनपुर से उठी पुरानी पेंशन बहाली की गूंज — यूपीएस को कर्मचारियों ने किया खारिज, 9 नवम्बर को जंतर मंतर में होगी विशाल “पेंशन जयघोष रैली”

बैठक की अध्यक्षता प्रदेश प्रभारी तरुण भोला ने की और संचालन कर्मचारी नेता योगेश कुमार ने किया।

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सहारनपुर से उठी पुरानी पेंशन बहाली की गूंज — यूपीएस को कर्मचारियों ने किया खारिज, 9 नवम्बर को जंतर मंतर में होगी विशाल “पेंशन जयघोष रैली”

✍️ ब्यूरो रिपोर्ट — एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
📍सहारनपुर | 📞 8217554083

सहारनपुर।
“पुरानी पेंशन सम्मान की लड़ाई है, यूपीएस स्वीकार नहीं” — इस नारे के साथ शुक्रवार को सहारनपुर में ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लाइज फेडरेशन (AINPSEF) उत्तर प्रदेश के बैनर तले एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन महाराज सिंह डिग्री कॉलेज में किया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश प्रभारी तरुण भोला ने की और संचालन कर्मचारी नेता योगेश कुमार ने किया।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 9 नवम्बर 2025 (रविवार) को नई दिल्ली के जंतर मंतर पर होने वाली “पेंशन जयघोष रैली” में सहारनपुर सहित प्रदेशभर के सैकड़ों कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारी भाग लेंगे। रैली में पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाली और टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई जाएगी।

प्रदेश प्रभारी तरुण भोला ने स्पष्ट कहा कि सरकार द्वारा लागू की गई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को कर्मचारी किसी भी रूप में स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा —

“सरकार ने यूपीएस लागू कर कर्मचारियों की वृद्धावस्था को असुरक्षित बना दिया है। हम पुरानी पेंशन बहाली की मांग पर अडिग हैं और संघर्ष जारी रहेगा।”

लोक निर्माण विभाग के क्षेत्रीय अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों को UPS और NPS से कोई राहत नहीं मिलती, यह केवल नाम बदलने की नीति है। उन्होंने OPS बहाली को लेकर तीन प्रमुख मांगें रखीं —
1️⃣ सरकार जमा राशि ब्याज सहित कर्मचारियों को वापस करे।
2️⃣ वीआरएस लेने के दिन से पेंशन का लाभ दिया जाए।
3️⃣ अनिवार्य सेवा अवधि 25 वर्ष से घटाकर 20 वर्ष की जाए।

एसबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन के मुकुल चोपड़ा ने कहा कि AINPSEF के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत पटेल के नेतृत्व में संगठन लगातार केंद्र सरकार से वार्ता कर रहा है और यूपीएस को सिरे से खारिज कर चुका है। उन्होंने बताया कि सहारनपुर से सैकड़ों कर्मचारी बसों और ट्रेनों से दिल्ली पहुंचेंगे ताकि सरकार को कर्मचारियों की एकजुटता का संदेश दिया जा सके।

मनीष डोबरियाल ने संगठन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए सभी शिक्षकों और कर्मचारियों से आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया। वहीं धर्मेंद्र धवलहार ने कहा कि यह केवल पेंशन का संघर्ष नहीं बल्कि “सम्मान और अधिकार” की लड़ाई है।

बैठक में उपस्थित प्रमुख लोगों में आनंद त्यागी, रूपेश कुमार, विनोद कुमार, मोती यादव, सचिन मित्तल, रंजीत गिरी, मनोज सैनी, संजय कुमार, कृष्णा राय, मुकेश शर्मा, अमित शर्मा, सौरभ गौतम, देवेंद्र गोसाई, गौरव डाबरा सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी और शिक्षक मौजूद रहे।

अब सारी निगाहें 9 नवम्बर की “पेंशन जयघोष रैली” पर टिकी हैं, जहाँ से देशभर के सरकारी कर्मचारी एक स्वर में सरकार से पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग करेंगे।

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