

🚨 लखनऊ एयरपोर्ट पर 13 करोड़ का गांजा सीज़: बैंकॉक से आई एयर एशिया फ्लाइट FD-146 में तस्करी की बड़ी कोशिश नाकाम, 3 भारतीय यात्री दबोचे गए, 2.7 किलो गांजा बरामद! 6 महीनों में 75 किलो से अधिक ड्रग्स जब्त, 70+ करोड़ की नशीली खेपें सीज़ 🚨
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित Chaudhary Charan Singh International Airport एक बार फिर देशव्यापी सुर्ख़ियों में है। पिछली रात यहाँ डायरेक्टरेट ऑफ़ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) और ड्रग्स रिसर्च इंटेलिजेंस विंग की संयुक्त कार्रवाई में 2.7 किलो गांजा जब्त किया गया और तस्करी के आरोप में 3 भारतीय यात्रियों—1 पुरुष और 2 महिला—को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी AirAsia Flight FD‑146 से बैंकाक, थाईलैंड से लखनऊ पहुँचे थे। डीआरआई (DRI) इंटेलिजेंस यूनिट को पहले से गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि इस फ्लाइट में नशीले पदार्थों की तस्करी की योजना बनाई गई है।
जैसे ही फ्लाइट लैंड हुई, DRI की 4 सदस्यीय विशेष टीम ने संदिग्ध यात्रियों की बैगेज स्कैनिंग और मैन्युअल जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान तीनों यात्रियों के बैग से वैक्यूम-सील्ड पैकेटों में बंद गांजा बरामद हुआ, जो तस्करी के लिहाज़ से खास तौर पर तैयार किया गया था। पैकेट पूरी तरह एयर-टाइट और अंतरराष्ट्रीय ड्रग-कैरी मानकों के अनुरूप सील किए गए थे, ताकि डॉग-स्क्वॉड और मशीन जांच को चकमा दिया जा सके।
मौके पर मौजूद DRI Air Cargo & Narcotics Division के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए गांजे की अनुमानित कीमत अंतरराष्ट्रीय ड्रग-मार्केट रेट के हिसाब से लगभग 13 करोड़ रुपए आंकी गई है, जिसे लेकर तस्करों की योजना एयरपोर्ट सुरक्षा की सबसे बड़ी सेंध लगाने की थी—लेकिन DRI की सक्रियता और खुफिया तंत्र ने इसे 3 घंटे के भीतर ही विफल कर दिया।
पुलिस और DRI की रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि बीते 6 महीनों में लखनऊ एयरपोर्ट पर 75 किलो से अधिक ड्रग्स जब्त किए जा चुके हैं, जिनमें गांजा, हशीश, MDMA, कोकीन और सिंथेटिक नशीले पदार्थ शामिल हैं। इसी अवधि में DRI अब तक 70 करोड़ रुपए से अधिक कीमत की नशीली खेपें पकड़ चुका है, जिससे उत्तर प्रदेश में ड्रग नेटवर्क की आपूर्ति श्रृंखला को भारी झटका लगा है।
इस कार्रवाई के साथ ही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो – उत्तर प्रदेश समन्वय का यह दावा और मजबूती से सामने आया कि अपराधियों के खिलाफ “ज़ीरो टॉलरेंस” केवल बयान नहीं, ज़मीनी कार्रवाई बन चुका है।
DRI ने जांच तेज करते हुए कहा है कि आरोपियों से बैकवर्ड-फ्लो रूट, ड्रग-सप्लायर की पहचान, बैंकिंग ट्रांजैक्शन, Airport CCTV Analytics Platform के जरिये मूवमेंट ट्रेस और विदेशी कनेक्शन की कड़ियों की फोरेंसिक-लेयर पर जांच की जा रही है। साथ ही एयरपोर्ट पर तैनात कैनाइन डिटेक्शन यूनिट टीम से भी दोबारा सुराग सत्यापन कराया जा रहा है।
☑️ प्रशासन का स्पष्ट संदेश: हवाई मार्ग से ड्रग्स तस्करी चाहे जितनी हाई-टेक हो—DRI के रडार से बचना अब असंभव!
✍️ रिपोर्ट: एलिक जॉन सिंह – | संपर्क: 8217554083
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