

🔥🔴 यूपी में स्कॉलरशिप नियम बदल गए — अब केवल अभिभावक का आय प्रमाण पत्र मान्य, छात्रों में हड़कंप! 🔴🔥
✍ रिपोर्ट : अलिक सिंह, संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
ब्यूरो प्रमुख – दैनिक आशंका बुलेटिन, सहारनपुर
📞 संपर्क : 8217554083
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उत्तर प्रदेश समाज कल्याण विभाग ने छात्रवृत्ति (Scholarship) और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में बड़ा बदलाव करते हुए नया नियम लागू कर दिया है। अब किसी भी छात्र को अपना स्वयं का आय प्रमाण पत्र लगाने की अनुमति नहीं होगी। छात्रवृत्ति के लिए केवल पिता या अभिभावक का आय प्रमाण पत्र ही मान्य होगा। इस निर्णय के बाद पूरे प्रदेश में विद्यार्थियों और कॉलेज प्रशासन में हलचल मच गई है।
🔻 क्यों बदला गया नियम?
विभाग को कई जिलों से शिकायतें मिली थीं कि कुछ विद्यार्थी, खासकर मथुरा और वाराणसी में, अपने ही नाम से आय प्रमाण पत्र बनवाकर छात्रवृत्ति का लाभ ले रहे थे। इससे योजना में गड़बड़ी और संभावित दुरुपयोग की आशंका बढ़ गई थी। इसी वजह से विभाग ने यह नियम बदला है।
🔻 नई व्यवस्था — क्या होगा अब?
समाज कल्याण विभाग की नई गाइडलाइन के मुताबिक अब:
✔ केवल पिता/अभिभावक का आय प्रमाण पत्र स्वीकार किया जाएगा।
✔ जिन्होंने पहले अपना व्यक्तिगत आय प्रमाण पत्र लगाया था, उनका आवेदन निरस्त होने का खतरा है।
✔ कई छात्रों को प्रमाण पत्र बदलने में दिक्कत आने लगी, जिस पर विभाग ने अधिकारियों को आय प्रमाण पत्र एडिट करने का विकल्प उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
✔ पूर्व में छात्र के खुद के आय प्रमाण पत्र पर दी गई छात्रवृत्ति की अब जांच नहीं होगी — इस पर विभाग की ओर से कोई स्पष्ट आदेश नहीं है।
🔻 कितनी आय पर मिलता है छात्रवृत्ति का लाभ?
छात्रवृत्ति योजना की पात्रता में पारिवारिक आय महत्वपूर्ण है—
- पूर्वदशम (Pre-Matric) — पारिवारिक आय ₹2.50 लाख/वर्ष से कम।
- दशमोत्तर (Post-Matric):
- SC विद्यार्थियों — अधिकतम ₹2.50 लाख/वर्ष
- अन्य वर्गों — अधिकतम ₹2.50 लाख/वर्ष
इन योजनाओं में आवेदन करते समय छात्र को हमेशा पिता/अभिभावक का आय प्रमाण पत्र लगाना होता है, परंतु कुछ जिलों में छात्रों ने खुद का आय प्रमाण पत्र लगाकर आवेदन किया था।
🔻 विभागीय अधिकारियों की क्या प्रतिक्रिया?
मथुरा के समाज कल्याण उप निदेशक एवं योजनाधिकारी आनंद कुमार सिंह ने कहा—
“कुछ विद्यार्थियों द्वारा स्वयं का आय प्रमाण पत्र लगाकर आवेदन किया गया है। इन्हें सही करने के लिए प्रमाणपत्र संशोधन (Edit) का विकल्प उपलब्ध कराया जा रहा है।”
वहीं, निदेशक समाज कल्याण कुमार प्रशांत ने बताया कि—
“विद्यार्थी के स्वयं के आय प्रमाण पत्र पर छात्रवृत्ति वितरित किए जाने के मामलों की जानकारी ली जाएगी।”
🔻 छात्रों में चिंता, कॉलेजों में परेशानी
नई व्यवस्था लागू होते ही हजारों विद्यार्थियों के आवेदन खतरे में पड़ गए हैं। कई छात्र अब अपने पिता/अभिभावक के दस्तावेज़ दोबारा बनवा रहे हैं। वहीं कॉलेज प्रशासन भी छात्रों को दस्तावेज़ अपडेट कराने में मदद कर रहा है।
🔴 निष्कर्ष
योजना में पारदर्शिता और गड़बड़ी रोकने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि छात्रों की परेशानी को देखते हुए विभाग ने दस्तावेज़ सुधारने की सुविधा भी दी है।
✍ रिपोर्ट : अलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
ब्यूरो प्रमुख – दैनिक आशंका बुलेटिन, सहारनपुर
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