
वंदेभारतलाइवटीव न्युज/ समृद्धभारत ई समाचार पत्र
मंगलवार 09 दिसंबर 2025-
================> भारत में अब किराये के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारत सरकार ने नया किराया समझौता 2025 को लागू कर दिया है। नया किराया समझौता 2025 का उद्देश्य किराये के कॉन्ट्रैक्ट को और सरल बनाना , मकान मालिक, किरायेदार के बीच झंझटों को कम करना , अनौपचारिक, तेजी के साथ बढ़ते हुए मार्केट में एक जैसे नियम को लागू करना है। इस नये सुधार का सबसे मुख्य भाग यह है कि अब सभी किराये के समझौते रेट एग्रीमेंट को हस्ताक्षर करने की तारीख से दो महिने के अंदर ही डिजिटल स्टाम्प करीब कराना आवश्यक होगा। ऐसा नहीं किये जाने पर पांच हजार रूपय तक का जुर्माना भी लग सकता है। प्राप्त जानकारी अनुसार यह नियम उन मौखिक या बिना रजिस्टर्ड समझौते को कम करेगा । इस नये नियम के अनुसार सिक्युरिटी डिपॉजिट की सीमा को भी तय किया गया है। नये नियमानुसार रिहायशी संपत्तियों के लिए डिपॉजिट की सीमा केवल दो महिने की किराये तक ही सीमित रहेगी, पहले यह सीमा दस महिने के किराये के बराबर होता था। किराये में बदलाव या वृद्धि अब वर्ष मे केवल एक ही बार किया जा सकता है। इसके लिए मकान मालिक को किरायेदार को 90 दिन का नोटिस भी देना आवश्यक होगा। पांच हजार रूपय प्रति माह से अधिक का कोई भी किराया डिजिटल रूप से ही देना होगा। एक समान किराये समझौता प्रारूप जारी, समझौते मे कोई भी छीपी हुई लाइन , कोई भी अजीब क्लास अथवा कोई अतिरिक्त नियम नहीं होगा। पचास हजार रुपए प्रतिमाह से अधिक का किराये पर टीडीएस लगेगा। यह नियम प्रीमियम सेगमेंट को मौजूदा टैक्स नियमों के दायरे में लायेगा। इससे भविष्य मे कर विभाग के साथ होने वाले विवाद से भी बचा जा सकता है।










