A2Z सभी खबर सभी जिले की

“इलाज के लिए निकलने से पहले बुझ गया घर का चिराग: शिक्षामित्र अरुण श्रीवास्तव की हृदयाघात से असामयिक मौत”

 

“इलाज के लिए निकलने से पहले बुझ गया घर का चिराग: शिक्षामित्र अरुण श्रीवास्तव की हृदयाघात से असामयिक मौत”IMG 20251214 201438

महुली सोनभद्र (राकेश कुमार कन्नौजिया)_:विंढमगंज थाना क्षेत्र के फुलवार गांव में शनिवार की देर रात एक हृदयविदारक घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। गांव निवासी और सूईचट्टान प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षामित्र अरुण श्रीवास्तव (48 वर्ष) पुत्र विश्वंभर श्रीवास्तव का शनिवार रात करीब एक बजे हृदयाघात से निधन हो गया। उनकी असामयिक मौत से शिक्षक समुदाय सहित क्षेत्र में गहरा दुःख व्याप्त है।

मृतक के चचेरे भाई विकास कुमार ने बताया कि अरुण श्रीवास्तव पिछले कुछ महीनों से पीलिया से पीड़ित थे और उनका इलाज वाराणसी में चल रहा था। रविवार की सुबह उन्हें दवा और जांच के लिए वाराणसी जाना था, जिसकी तैयारी भी चल रही थी। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। शनिवार देर रात अचानक उन्हें तेज दिल का दौरा पड़ा और कुछ ही पलों में उनकी सांसें थम गईं।

मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली, पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया। शिक्षकों, ग्रामीणों और परिचितों की आंखें नम हो गईं। मृदुभाषी, सरल स्वभाव और कर्तव्यनिष्ठ शिक्षामित्र के रूप में अरुण श्रीवास्तव की पहचान थी। विद्यालय में उनके योगदान को लोग हमेशा याद रखेंगे।

अरुण श्रीवास्तव अपने पीछे एक नाबालिग बेटा और एक नाबालिग बेटी को छोड़ गए हैं। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रविवार को मलिया नदी के तट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां उनके 80 वर्षीय पिता ने कांपते हाथों से मुखाग्नि दी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं और माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया।

क्षेत्रीय लोगों ने कहा कि अरुण श्रीवास्तव न केवल एक अच्छे शिक्षक थे, बल्कि समाज के प्रति भी उनका व्यवहार हमेशा सहयोगपूर्ण रहा। उनकी असमय मृत्यु से शिक्षा जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। पूरे गांव और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

Back to top button
error: Content is protected !!