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इस साल खरमास का समापन 16 जनवरी को होगा, किंतु वैवाहिक लग्नों का आरंभ (4फरवरी) 20 दिन बाद होगा, जान लें वजह.

इस साल खरमास का समापन 16 जनवरी को होगा, किंतु वैवाहिक लग्नों का आरंभ (4फरवरी) 20 दिन बाद होगा, जान लें वजह.

इस साल खरमास का समापन 16 जनवरी को होगा, किंतु वैवाहिक लग्नों का आरंभ (4फरवरी) 20 दिन बाद होगा, जान लें वजह.

इस साल खरमास का समापन 16 जनवरी को होगा, किंतु वैवाहिक लग्नों का आरंभ (4फरवरी) 20 दिन बाद होगा, जान लें वजह.
इस साल खरमास का समापन 16 जनवरी को होगा, किंतु वैवाहिक लग्नों का आरंभ (4फरवरी) 20 दिन बाद होगा, जान लें वजह.

 

 

 

 

 

 

 

चन्दौली वाराणसी। पिछले वर्षों में मकर संक्रांति के दिन खरमास समाप्त हो जाता था और इसके अगले दिन से वैवाहिक लग्नों की शुरुआत हो जाती थी। लेकिन इस वर्ष ग्रहों, नक्षत्रों, वार और करण की स्थिति कुछ अलग है।

 

इस बार खरमास समाप्त होने के 20 दिन बाद ही बैंडबाजा, बरात और शादी के लड्डुओं का क्रम शुरू हो सकेगा। काशी के ज्योतिषियों का मानना है कि शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण ऐसा हो रहा है।

 

बीएचयू के ज्योतिष विभाग के अध्यक्ष प्रो. विनय कुमार पांडेय सहित कई अन्य ज्योतिषियों ने बताया कि इस समय शुक्र ग्रह अस्त चल रहे हैं। पिछले वर्षों में खरमास समाप्ति के साथ ही शुक्रोदय हो जाया करता था, जिससे वैवाहिक लग्नों के मुहूर्त तुरंत आरंभ हो जाते थे। लेकिन इस बार शुक्रोदय चार फरवरी को होगा, और उसी दिन से वैवाहिक लग्नों के मुहूर्त की शुरुआत होगी। चार फरवरी से लेकर 15 मार्च तक वैवाहिक लग्नों की धूम रहेगी।

इस वर्ष खरमास का समापन 16 जनवरी को होगा, जिसके बाद 20 दिन का अंतराल रहेगा। इस दौरान विवाह समारोहों की तैयारी करने वाले परिवारों को थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। ज्योतिषियों के अनुसार, शुक्र ग्रह का अस्त होना विवाह के लिए शुभ नहीं माना जाता है, इसलिए इस समय वैवाहिक समारोहों का आयोजन नहीं किया जाएगा।

 

इस स्थिति के कारण, जो लोग इस समय विवाह करने की योजना बना रहे थे, उन्हें अब चार फरवरी के बाद ही अपने कार्यक्रम तय करने होंगे। ज्योतिषियों का कहना है कि चार फरवरी से लेकर 15 मार्च तक विवाह के लिए कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध होंगे, जिससे दूल्हा-दुल्हन के परिवारों को अपनी इच्छानुसार तिथि चुनने में सुविधा होगी।

 

इस वर्ष की विशेषता यह है कि पहले की तुलना में विवाह समारोहों में अधिक समय का अंतराल है, जिससे परिवारों को अपनी तैयारियों में भी समय मिलेगा। इस दौरान लोग विवाह की तैयारियों के साथ-साथ अन्य धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी योजना बना सकते हैं।

इस वर्ष खरमास का समापन 16 जनवरी को होगा, किंतु वैवाहिक लग्नों का आरंभ चार फरवरी से होगा। यह स्थिति विवाह समारोहों की योजना बनाने वाले परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्हें अब अपने कार्यक्रमों को नए सिरे से तय करना होगा।

 

इस वर्ष का यह परिवर्तन न केवल ज्योतिषीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी एक नई दिशा प्रदान करेगा। परिवारों को इस समय का उपयोग अपनी तैयारियों को बेहतर बनाने के लिए करना चाहिए, ताकि चार फरवरी के बाद विवाह समारोहों में कोई कमी न रह जाए। इस वर्ष का खरमास और वैवाहिक लग्नों का समय एक नई चुनौती और अवसर दोनों लेकर आया है।

 

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