
कोरिया -जिले के विकास के दावों पर श्याम सिंह मरकाम ने तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री के हालिया दौरे को मरकाम ने जनता की आँखों में धूल झोंकने वाला बताया।
❌ पुरानी घोषणाएं अब तक अधूरी, नई घोषणाओं की फिर लगी झड़ी।
❌ स्थानीय युवाओं और विकास के मुद्दों पर सरकार की चुप्पी।
❌ मरकाम ने कहा- “जनता को अब झुनझुना थमाना बंद करे सरकार!”
कोरिया की स्वाभिमानी जनता अब केवल वादों से नहीं, बल्कि ठोस काम से हिसाब मांगेगी।
पिछली घोषणाओं का हिसाब कहाँ?
श्याम सिंह मरकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री जब भी कहीं जाते हैँ वादों की झड़ी लगा देते हैँ उसी तर्ज में कोरिया को भी छलने आये हैँ कोरोड़ों रूपये के विकास के दावे और मोदी की गारंटी का लोकोक्ति सुनाकर चल दिए लेकिन धरातल पर स्थिति कुछ और ही है।
उन्होंने आरोप लगाया –
अधूरी योजनाएं: जिले में पहले से ही कई विकास कार्य अधूरे पड़े हैं, जिन पर सरकार का कोई ध्यान नहीं है।
मुख्यमंत्री जी कभी कोरिया जिले का सबसे दूरस्थ ग्राम आंनदपुर गोयनी बाई रोड भी जाकर देखें तब उन गांव के निवासियों का दर्द पता चलेगा जिनको आपने अपने कार्यक्रम के लिए पिकअप और बस से बुलवाया था।
रोजगार का अभाव: स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के बजाय केवल कागजी आश्वासन दिए जा रहे हैं।
बुनियादी सुविधाएं: स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में कोरिया आज भी पिछड़ा हुआ है।
”सरकार केवल चुनाव और वोट बैंक की राजनीति के लिए घोषणाएं करती है।कोरिया की जनता अब जागरूक हो चुकी है और वह समझती है कि ये घोषणाएं केवल मनोरंजन के लिए दिए गए ‘झुनझुने’ के समान हैं।”
श्याम सिंह मरकाम राष्ट्रीय महासचिव गोंगपा











