
आज दौसा जिला अस्पताल में सिलिकोसिस मरीजों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। उनकी दयनीय स्थिति और आर्थिक सहायता के अभाव को देखकर मन अत्यंत व्यथित है।
हमारी कांग्रेस सरकार ने सिलिकोसिस पीड़ितों हेतु 2013 में एकमुश्त सहायता और 2019 सिलिकोसिस नीति जैसी जो जनकल्याणकारी नीतियां बनाई थीं, उन्हें आज ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
पोर्टल पर कार्ड तो बन रहे हैं, लेकिन बीमारी और मृत्यु पर मिलने वाली सहायता राशि (3 लाख व 2 लाख रुपये) महीनों से अटकी हुई है। ऑक्सीजन और दवाओं के लिए तड़पते मरीजों की सहायता रोकना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
राज्य सरकार राजनीति से ऊपर उठकर इन गंभीर मरीजों के हक की राशि तुरंत जारी करे। अस्पतालों में दवाओं और ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए 







