
वंदेभारतलाइवटीव न्युज, मंगलवार 24 फरवरी 2026
====-: प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार केन्द्र सरकार ने पासपोर्ट को लेकर कई नियमों में बदलाव किए हैं। अब नये नियमों के अंतर्गत पासपोर्ट के लिए आवेदन करने के बाद अधिकतम समय सात दिनों में पासपोर्ट जारी हो जायेगा।।जानकारी अनुसार केंद्र सरकार ने 15 फरवरी 2026 से पासपोर्ट के लिए नये नियम लागू किए हैं। केंद्रीय विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट बनाने की विधि को डिजिटल और तेज गति प्रदान करने का फैसला किया है। नये नियमों के अंतर्गत सबसे बड़ी राहत पुलिस वेरिफिकेशन को लेकर मिली है। अब पुलिस वेरिफिकेशन के लिए लंबी कागजी कार्यवाही नहीं करनी होगी, और पासपोर्ट बनावते समय पुलिस वेरिफिकेशन मे ही अधिक समय भी लगता है। जो कि अबसे नही लगेगा। जानकारी के अनुसार इसके लिए एक एप्प तैयार कराया जा रहा है, जिससे आसानी के साथ पुलिस सत्यापन कि रिपोर्ट अपलोड की जा सकेगी। जानकारी के अनुसार केन्द्र सरकार ने पासपोर्ट के लिए डाक्यूमेंट्स लेस आवेदन की भी शुरुआत की है, पासपोर्ट बनावाने के लिए दस्तावेजों को साथ मे ले जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। डिजिलाॅकर से अधिकारी दस्तावेजों को आनलाईन ही चेक कर सकेगें। पासपोर्ट का नवीनीकरण कराना भी अब सरल हो गया है। पुराने पासपोर्ट और मौजूदा जानकारी में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं है तो फिर दुबारा पुलिस वेरिफिकेशन की जरूरत नही होगी। यह नियम 15 फरवरी 2026 से लागू भी हो गया है। इसके अतिरिक्त बच्चों के पासपोर्ट के लिए भी अब माता पिता दोनों की उपस्थिति जरूरी नहीं होगी। बच्चों के पासपोर्ट के लिए माता या पिता दोनों मे से कोई भी अकेले जाकर ही बच्चे का पासपोर्ट बनवा सकेंगे। जानकारी के अनुसार अब यह भी तय किया गया है कि अबसे जितने भी नये पासपोर्ट जारी किए जायेंगे वे सभी ई पासपोर्ट होंगे।।पासपोर्ट में एक चिप लगी होगी, जो कि विदेश यात्रा के दौरान इस चिप से इमीग्रेशन चेक में अधिक समय नही लगेगा। इसमे यह ध्यान रखने योग्य बात है कि जिनका भी पासपोर्ट है, उनका आधार और स्कूल मार्कशीट में नाम एवं जन्मतिथि एक जैसा ही होना चाहिए, इसमें किसी प्रकार से गलती नही होनी चाहिए। प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ प्रदेश में भी पासपोर्ट के इन नये नियमों को पूरी तरह से लागू कर दिया गया है, और इन नये नियमों के अनुसार ही पासपोर्ट जारी होना भी शुरू हो गया है। छत्तीसगढ के किसी नागरिक के पास यदि आधार कार्ड और पैन कार्ड यह दो दस्तावेज मौजूद है तो वह आसानी के साथ अपना पासपोर्ट आनलाईन माध्यम से बनवा सकता है। मालूम हो कि छत्तीसगढ प्रदेश में पहली पासपोर्ट सेवा केंद्र वर्ष 2007 में शुरू किया गया था। छत्तीसगढ प्रदेश में शिक्षा रोजगार, पर्यटन आदि के लिए लोगों की विदेश जाने के मामले मे तेजी से वृद्धि हुई है। केंद्र सरकार द्वारा पासपोर्ट के बनाये गए नये नियमों से नागरिकों को पासपोर्ट बनवाने मे अधिक सुविधा हो सकती है। अब पासपोर्ट जारी करवाने के लिए लंबा इंतजार नही करना पड़ेगा।









