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बलौदा बाजार: श्रील प्रभुपाद के मार्गदर्शन में कृष्ण भावनामृत कार्यक्रम संपन्न, उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

ललित साहू ने जताया आभार: बलौदा बाजार में श्री कृष्ण भावनाओं से ओत-प्रोत हुए श्रद्धालु

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बलौदा बाजार। स्थानीय हाई स्कूल मॉडर्न कॉम्प्लेक्स के प्रांगण में अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) के संस्थापकाचार्य श्रीमद ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी श्रील प्रभुपाद जी के दिव्य मार्गदर्शन और आशीर्वाद से एक भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस गरिमामय आयोजन में भक्ति, ज्ञान और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने नगर के वातावरण को कृष्णमय कर दिया।
प्रमुख आध्यात्मिक वक्ताओं का पाथेय
कार्यक्रम में मुख्य रूप से आदरणीय HG रामरघुनाथ प्रभुजी एवं आदरणीय HG मिथिलापति प्रभुजी की गरिमामयी उपस्थिति रही। विद्वान वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में श्रील प्रभुपाद जी के संदेशों को रेखांकित करते हुए बताया कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ में ‘कृष्ण भावनामृत’ ही शांति और संतोष का एकमात्र मार्ग है।
HG रामरघुनाथ प्रभुजी ने जीवन में सात्विकता और नाम जप के महत्व पर प्रकाश डाला।
HG मिथिलापति प्रभुजी ने युवाओं को श्रीमद्भगवद्गीता के व्यावहारिक ज्ञान से अवगत कराया।
सम्माननीय अतिथियों की उपस्थिति और आभार
इस अवसर पर क्षेत्र के प्रतिष्ठित और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की सफलता और व्यवस्थित आयोजन की प्रशंसा करते हुए श्री ललित साहू जी ने कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने उपस्थित सभी सम्माननीय सदस्यों, अतिथियों और श्रद्धालुओं का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा:
“ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। प्रभुपाद जी की शिक्षाएं हमें एक बेहतर मनुष्य बनने की प्रेरणा देती हैं।”
श्रद्धालुओं का अनुभव और वैचारिक आदान-प्रदान
कार्यक्रम की सबसे सुंदर कड़ी श्रद्धालुओं का उत्साह रही। पंडाल में बैठे हर व्यक्ति के चेहरे पर एक आध्यात्मिक संतोष दिखाई दे रहा था। कार्यक्रम के दौरान:
अच्छे विचारों का प्रवाह: श्रद्धालुओं ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए कि कैसे कृष्ण भक्ति ने उनके जीवन के दृष्टिकोण को बदला है।
कृष्ण भावनामृत का प्रसार: उपस्थित जनसमूह ने श्री कृष्ण की दिव्य भावनाओं को अपने हृदय में संजोया और सामूहिक संकीर्तन का आनंद लिया।
निष्कर्ष
मॉडर्न कॉम्प्लेक्स में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि सामाजिक समरसता का भी संदेश दिया। भक्तिवेदांत स्वामी श्रील प्रभुपाद जी के सिद्धांतों पर आधारित यह आयोजन बलौदा बाजार के इतिहास में एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है। कार्यक्रम के अंत में सभी भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण हर्षोल्लास से भर गया।

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