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उत्तर प्रदेशबस्ती

कप्तानगंज ब्लॉक में ‘मौत का झूला’: हवा में लटक रहा हाई-टेंशन ट्रांसफॉर्मर, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

लापरवाही की इंतहा: कप्तानगंज ब्लॉक परिसर में 'यमदूत' बना ट्रांसफॉर्मर, विभाग बेखबर; बिजली विभाग को 'हादसे' का इंतजार? कप्तानगंज ब्लॉक परिसर में कभी भी गिर सकता है जानलेवा ट्रांसफॉर्मर

अजीत मिश्रा (खोजी)

लापरवाही की पराकाष्ठा: कप्तानगंज ब्लॉक परिसर में मौत बनकर झूल रहा हाई-टेंशन ट्रांसफॉर्मर

  • कप्तानगंज ब्लॉक में बिजली विभाग का ‘अमानवीय’ कारनामा, परिसर में बिछा रखा है मौत का जाल
  • विकास की राह में ‘मौत का खंभा’: क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे के इंतजार में हैं?

कप्तानगंज (बस्ती)। क्या बिजली विभाग किसी बड़े हादसे या किसी मासूम की जान जाने का इंतजार कर रहा है? यह सवाल कप्तानगंज विकासखंड परिसर में आने वाले हर उस व्यक्ति की जुबान पर है, जो वहां लटकते ‘मौत के जाल’ को देख रहा है। ब्लॉक परिसर में लगा हाई-पावर ट्रांसफॉर्मर इन दिनों अपनी जर्जर स्थिति के कारण किसी भी समय काल का ग्रास बनने को तैयार खड़ा है।

​मौत को दावत देती व्यवस्था

​ब्लॉक परिसर एक ऐसा स्थान है जहाँ प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और अपने कार्यों के लिए आने वाले आम नागरिक गुजरते हैं। इसी परिसर में लगा ट्रांसफॉर्मर हवा में इस कदर झूल रहा है कि उसे देखकर ही रूह कांप जाए। ट्रांसफॉर्मर के ऊपर से 11 हजार वोल्ट की हाई-टेंशन लाइन गुजर रही है, जबकि नीचे 440 वोल्ट की सप्लाई का जाल बिछा है। तारों का यह जंजाल और लटकता हुआ ट्रांसफॉर्मर किसी भी वक्त धराशायी होकर बड़ी जनहानि को निमंत्रण दे सकता है।

​शिकायतों के बाद भी विभाग ‘मस्त’

​स्थानीय लोगों और ब्लॉक कर्मियों का कहना है कि इस गंभीर खतरे की सूचना कई बार बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को दी जा चुकी है। लेकिन, कुंभकर्णी नींद में सोए अधिकारी शिकायतों को रद्दी की टोकरी में डालकर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। आखिर विभाग की इस संवेदनहीनता के पीछे क्या कारण है? क्या किसी की जान जाने के बाद ही विभाग की तंद्रा भंग होगी?

​प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेने की मांग

​ब्लॉक परिसर सरकारी कामकाज का केंद्र है, जहाँ सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। यदि समय रहते इस लटकते हुए ‘मौत के ट्रांसफॉर्मर’ को सुव्यवस्थित नहीं किया गया, तो कभी भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। स्थानीय जनता ने जिलाधिकारी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और बिजली विभाग के लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए इस जानलेवा खतरे को हटाने की पुरजोर मांग की है।

सवाल अब यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे से पहले जागेगा, या तब तक मूकदर्शक बना रहेगा?

संपादक से अपील: संबंधित बिजली विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, इससे पहले कि ब्लॉक परिसर में कोई ‘मौत का तांडव’ हो।

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