

डीआरआई की ऐतिहासिक कार्रवाई: ग्रेटर नोएडा से दिल्ली-गुरुग्राम तक फैला ड्रग्स नेटवर्क ध्वस्त, 108 करोड़ की बरामदगी, 26 विदेशी गिरफ्तार
नई दिल्ली / ग्रेटर नोएडा।
देशभर में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही इस छापेमारी में, डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने ग्रेटर नोएडा, दिल्ली और गुरुग्राम में एक साथ धावा बोलते हुए नशे के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।
इस दौरान 108 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की ड्रग्स और 115 किलो केमिकल बरामद किए गए, जो मादक पदार्थ तैयार करने में प्रयोग किया जाता था।
छापेमारी के दौरान 26 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है, जो इस सिंडिकेट का हिस्सा बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसी को शक है कि यह गिरोह अफ्रीकी देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया के तस्करों से जुड़ा हुआ था और भारत को “ड्रग्स ट्रांजिट हब” के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।
🏠 ग्रेटर नोएडा के ऑमिक्रॉन क्षेत्र का फार्महाउस बना था ड्रग्स फैक्ट्री
डीआरआई की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि ग्रेटर नोएडा के ऑमिक्रॉन क्षेत्र में स्थित एक आलीशान फार्महाउस में लंबे समय से अवैध नशे के कारोबार का गढ़ बनाया गया है।
जब टीम ने फार्महाउस पर छापा मारा, तो अंदर से ड्रग्स निर्माण के अत्याधुनिक उपकरण, केमिकल, पैकिंग मशीन और इलेक्ट्रॉनिक स्केल बरामद किए गए।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि वहां पर MDMA, मेथ, और कोकीन जैसे खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स तैयार किए जा रहे थे।
बरामद 115 किलो केमिकल को प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजा गया है।
🌐 अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े तार
डीआरआई सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए न केवल भारत में बल्कि मध्य एशिया, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया तक ड्रग्स की सप्लाई करता था।
गुरुग्राम और पश्चिमी दिल्ली के गोदामों में भी छापेमारी की गई, जहाँ से पैक्ड ड्रग्स के सैंपल, विदेशी मुद्रा और दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पकड़े गए विदेशी नागरिकों में अफ्रीकी देशों और दक्षिण अमेरिकी राष्ट्रों के लोग शामिल हैं। इनमें से कुछ पिछले कई सालों से भारत में रह रहे थे और फर्जी वीज़ा व पासपोर्ट के जरिए यहाँ कारोबार चला रहे थे।
⚖️ डीआरआई ने बताया – “यह अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी”
डीआरआई अधिकारियों के अनुसार, “यह अब तक की सबसे बड़ी और सबसे संगठित कार्रवाई है, जिसमें नशे के निर्माण, वितरण और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चैन के पूरे नेटवर्क को एक साथ ध्वस्त किया गया है।”
अधिकारियों का कहना है कि जांच में कई बड़े नाम और विदेशी बैंक खातों से फंडिंग के सुराग भी मिले हैं।
सभी संदिग्धों के बैंक विवरण, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अंतरराष्ट्रीय कॉल रिकॉर्डिंग खंगाले जा रहे हैं।
🚔 दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा पुलिस भी आई कार्रवाई में शामिल
डीआरआई की इस रेड में दिल्ली पुलिस की नारकोटिक्स शाखा और नोएडा पुलिस की विशेष टीम ने भी सहयोग किया।
छापेमारी के दौरान किसी भी तरह की हिंसा या विरोध नहीं हुआ, लेकिन सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से आसपास के इलाकों को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, अब इस नेटवर्क से जुड़े कई स्थानीय एजेंटों और सप्लायरों की गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है।
🧪 कड़ी जांच और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से समन्वय शुरू
बरामद नशे और केमिकल सैंपल को सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL) भेजा गया है।
डीआरआई अब इंटरपोल और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के साथ समन्वय कर रही है ताकि इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि जांच में क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजेक्शन और डार्क वेब के जरिए भुगतान के प्रमाण भी मिले हैं।
यह पूरा गिरोह भारत में नशे की सप्लाई का एक बड़ा हब बन चुका था।
⚠️ डीआरआई की चेतावनी — ड्रग्स माफिया पर अब ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
डीआरआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,
“हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि भारत को किसी भी कीमत पर ड्रग्स के बाजार में नहीं बदलने दिया जाएगा।
यह केवल एक रेड नहीं, बल्कि ड्रग्स माफिया के खिलाफ निर्णायक युद्ध की शुरुआत है।”
अधिकारियों ने यह भी बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क से जुड़े स्थानीय संपर्कों की पहचान की जा रही है।
📍 स्थान: ग्रेटर नोएडा, दिल्ली और गुरुग्राम
📅 तारीख: 26 अक्टूबर 2025
📸 रिपोर्ट: एलिक सिंह सहारनपुर
📞 संपर्क: 8217554083

