
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ रिपोर्ट
बाराबंकी | दिनांक – 3 जून 2021

उत्तर प्रदेश,बाराबंकी जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और आम जनता को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुफ्त एम्बुलेंस सेवा की शुरुआत की गई। यह सेवा द लोनी अर्बन मल्टीस्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसायटी(LUCC)एवं लक्ष्य लोकेश्वर धाम ट्रस्ट के संयुक्त प्रयास से प्रारंभ की गई है। इस नई पहल का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) श्रीमती एकता सिंह और मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. बी.के.एस. चौहान ने संयुक्त रूप से डीआरडीए परिसर से हरी झंडी दिखाकर किया।
सीडीओ ने कहा – गरीबों के लिए वरदान बनेगी यह सेवा
शुभारंभ अवसर पर सीडीओ श्रीमती एकता सिंह ने कहा कि यह सेवा उन जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो आर्थिक तंगी के कारण एम्बुलेंस की सुविधा नहीं ले पाते। उन्होंने इस सामाजिक पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सहयोग और संवेदना की भावना को मजबूत करते हैं।
सीएमओ डॉ. बी.के.एस. चौहान ने बताया कि इस एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 जैसी आपदाओं के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि ग्रामीण क्षेत्रों में एम्बुलेंस सेवाओं की बड़ी आवश्यकता है।
संयुक्त प्रयास से बनी सामाजिक पहल
इस कार्यक्रम में समिति और ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी उत्तम सिंह राजपूत, विनोद कुमार वर्मा, सतीश गुप्ता, रोकेश कुमार वर्मा, शिवकुमार राजपूत तथा ट्रस्ट के सचिव मनोज राजपूत, राम खेलावन शास्त्री, राजेश मिश्रा आदि उपस्थित रहे। सभी ने इस सेवा को सफल बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्रतिनिधियों ने बताया कि एम्बुलेंस पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से लैस है और 24 घंटे आपातकालीन सेवा के लिए उपलब्ध रहेगी। जरूरतमंद लोग ट्रस्ट और समिति के हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से इसका लाभ उठा सकेंगे।
जनहित में उठाया गया सराहनीय कदम
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस पहल की सराहना की है। लोगों का कहना है कि बाराबंकी जैसे बड़े जिले में सरकारी एम्बुलेंस सेवाएं सीमित हैं, ऐसे में निजी संस्थाओं द्वारा की गई यह पहल गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए जीवन रक्षक साबित होगी।
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़,ब्यूरो रिपोर्ट विश्वसनिय सूत्रों के मुताबिक़, एंबुलेंस लॉन्च के बाद संस्था के प्रतिनिधि ग्रामीण इलाकों में जाकर लोगों को “हेल्थ बेनिफिट्स” और “इंवेस्टमेंट स्कीम” के नाम पर पैसे जमा करने की सलाह दे रहे हैं। यानी, सेवा के नाम पर धीरे-धीरे निवेश का जाल बुना जा रहा है। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में “मुफ्त एंबुलेंस सेवा” के नाम पर एक बड़ा खेल सामने आया है। “द लोनी अर्बन मल्टीस्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसायटी (LUCC)” और “लक्ष्य लोकेश्वर धाम ट्रस्ट” द्वारा संयुक्त रूप से इस सेवा की शुरुआत की गई बताई गई थी। इसे जनहित में एक सामाजिक पहल बताकर बड़े प्रचार-प्रसार के साथ शुरू किया गया, लेकिन बाद में इसके पीछे ठगी का जाल बिछाने की बात उजागर हुई।
शुभारंभ समारोह में अधिकारी भी बने अनजाने में चेहरा
डीआरडीए परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) श्रीमती एकता सिंह और मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. बी.के.एस. चौहान ने एंबुलेंस सेवा को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। अधिकारियों ने इसे गरीबों और जरूरतमंदों के लिए “वरदान” बताया।
लेकिन सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम के पीछे की सच्चाई कुछ और ही थी — LUCC सोसायटी पर कई राज्यों में निवेशकों के साथ ठगी के आरोप पहले से दर्ज हैं। बाराबंकी में इस सोसायटी ने “एम्बुलेंस सेवा” को अपने प्रचार और विश्वास हासिल करने का नया जरिया बनाया।
लुभावनी योजना के पीछे धोखाधड़ी का अंदेशा
स्थानीय लोगों का कहना है कि लॉन्चिंग के बाद संस्था के प्रतिनिधि ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं में पैसे जमा करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्हें बताया जा रहा है कि सोसायटी में सदस्यता लेकर भविष्य में “स्वास्थ्य लाभ और बीमा” जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। यही तरीका पहले भी ठगी करने वाली संस्थाओं का रहा है — पहले सेवा, फिर निवेश का झांसा।
LUCC का विवादित रिकॉर्ड
द लोनी अर्बन मल्टीस्टेट कोऑपरेटिव सोसायटी (LUCC) के खिलाफ देश के कई राज्यों में धोखाधड़ी और फर्जी निवेश योजनाओं को लेकर शिकायतें दर्ज हैं। कई जगहों पर जांच एजेंसियां इसकी गतिविधियों पर नज़र रख रही हैं। अब बाराबंकी में एंबुलेंस सेवा की आड़ में लोगों से जुड़ने की यह नई रणनीति सामने आई है।
प्रशासन ने मांगी रिपोर्ट
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रशासन ने अब इस पूरे मामले की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट तलब की है। यह देखा जा रहा है कि क्या LUCC द्वारा शुरू की गई यह सेवा वास्तव में सामाजिक है या किसी आर्थिक नेटवर्किंग योजना की शुरुआत।
जनता में बढ़ी सतर्कता
बाराबंकी और आस-पास के क्षेत्रों में अब लोग सतर्क हो गए हैं। कई सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से LUCC और ट्रस्ट की फंडिंग और लाइसेंस की जांच की मांग की है।
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🟥 निष्कर्ष:
जनसेवा के नाम पर ठगी का यह कथित जाल बाराबंकी में नया नहीं है, लेकिन अधिकारियों की मौजूदगी ने इस बार इसे वैधता की आड़ दे दी। सवाल यह है कि क्या वास्तव में यह सेवा गरीबों की मदद करेगी या लोगों की मेहनत की कमाई हड़पने की नई चाल है?
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़, बाराबंकी ब्यूरो










