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देवबंद में मिट्टी लदे ट्रैक्टर–ट्रॉली का आतंक — ओवरलोड वाहनों की रफ्तार से दहशत

क्षेत्र में बड़ा हादसा होने का खतरा — प्रशासन खामोश, आमजन ने चेताया आंदोलन का बिगुल

देवबंद में मिट्टी लदे ट्रैक्टर–ट्रॉली का आतंक — ओवरलोड वाहनों की रफ्तार से दहशत, धार्मिक व शिक्षण क्षेत्र में बड़ा हादसा होने का खतरा — प्रशासन खामोश, आमजन ने चेताया आंदोलन का बिगुल

देवबंद (सहारनपुर)। नगर पालिका परिषद देवबंद के उर्दू गेट से फिरदोस गार्डन मार्ग पर पिछले तीन दिनों से मिट्टी से लदे ओवरलोड ट्रैक्टर–ट्रॉली का बेलगाम संचालन लोगों के लिए परेशानी और दहशत का सबब बन गया है। घनी आबादी, धार्मिक स्थलों, मस्जिदों, मंदिरों, मदरसों और आस–पास संचालित स्कूल–कॉलेजों के बीच से गुजरते ये भारी वाहन स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं। राहगीरों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की सुरक्षा भगवान भरोसे है, जबकि प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है।

क्षेत्रवासियों के अनुसार मिट्टी ढोने वाले ये वाहन न केवल ओवरलोड हैं, बल्कि चालक भी बेपरवाह होकर तेज रफ्तार में इन्हें दौड़ाते हैं। कई बार ट्रॉली नियंत्रण खोती दिखाई दी, जिससे लोग अपनी सांसें थाम लेते हैं। संकरी गलियों में बने घरों के दरवाज़े सड़कों की ओर खुलते हैं, ऐसे में कोई भी बच्चा अचानक बाहर निकले तो बड़ा हादसा टलना मुश्किल है। भारी वाहनों की आवाजाही से उठने वाली धूल से क्षेत्रवासियों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को सांस से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निरंतर कानफोड़ू शोर से पढ़ाई और रोजमर्रा की शांति प्रभावित हो रही है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि चालक ट्रैक्टर–ट्रॉली को सड़क पर खड़ा कर रास्ता रोक लेते हैं, जिससे आम जन को निकलने में कठिनाई होती है। अनेक बार वृद्ध, महिला व स्कूली बच्चों को बेहद जोखिम भरे तरीके से किनारे से गुजरना पड़ता है। लोगों का कहना है कि सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि यह इलाका धार्मिक रूप से अत्यंत संवेदनशील है और यहां हजारों की संख्या में विद्यार्थी रहते व पढ़ते हैं। यदि कोई गंभीर हादसा होता है तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है।

निवासी लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन नगर पालिका और पुलिस विभाग की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल इन वाहनों को प्रतिबंधित नहीं किया गया, तो वे सड़क जाम कर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने माँग की है कि

  • इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए

  • वैकल्पिक मार्ग तय किया जाए

  • ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाए

  • ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार पर कड़ी कार्रवाई हो

  • नियमित चेकिंग अभियान चलाया जाए

विशेषज्ञों का कहना है कि ओवरलोड और तेज रफ्तार भारी वाहन शहरों में सड़क हादसों के मुख्य कारण होते हैं। प्रशासन यदि समय रहते सक्रिय नहीं हुआ तो देवबंद में किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही पर जाएगी।

क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, एसडीएम देवबंद, नगर पालिका परिषद और कोतवाली पुलिस से तत्काल संज्ञान की मांग करते हुए कहा कि यदि कोई दुखद घटना होती है तो जनता सड़कों पर उतरने से नहीं हिचकेगी।

यह मुद्दा सिर्फ यातायात अव्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि आमजन की जान–माल की सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़ा सवाल है। प्रशासन अब जागे, वरना देवबंद में शांत वातावरण को अव्यवस्था की आग में झोंकने की जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी।

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