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बलौदाबाजार।
नगर निगम की जिम्मेदारी संभालने के बाद शहर में विकास और व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन समय बीतने के साथ कई ऐसे मुद्दे सामने आए हैं जिन पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। शहर के अलग-अलग हिस्सों में उठ रही शिकायतों और जनचर्चा के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर तमाम परेशानी और दिक्कतों के बावजूद नगर निगम अध्यक्ष अशोक जैन इन मामलों पर अपेक्षित ध्यान क्यों नहीं दे पाए।

*सबसे पहले पदभार ग्रहण समारोह के समय पत्रकारों ने किया था बहिस्कार*

सबसे पहले चर्चा उस समय शुरू हुई जब नगर निगम अध्यक्ष के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान ही स्थानीय पत्रकारों ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया था। पत्रकारों का यह कदम उस समय शहर में काफी चर्चा का विषय बना था। इसे लेकर विभिन्न वर्गों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं, लेकिन उस विवाद के बाद भी संवाद की स्थिति सामान्य नहीं हो सकी।

*गार्डन चौक स्थित भव्य गेट को उठाकर हाई स्कूल चौपाटी में लगाया गया*

इसके बाद शहर के गार्डन चौक में बनाए गए भव्य स्वागत द्वार को हटाकर हाई स्कूल चौपाटी क्षेत्र में स्थापित करने का मामला भी चर्चा में रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि गार्डन चौक शहर का प्रमुख स्थल है और वहां लगाया गया गेट शहर की पहचान बन चुका था। उसे हटाकर दूसरे स्थान पर लगाने के निर्णय को लेकर लोगों में असंतोष की चर्चा लगातार सुनाई देती रही।

*पार्षद अमितेश नेताम की हाई स्कूल में चौपाटी पर मान को ठेस पहुंचाई गई*

इसी क्रम में हाई स्कूल चौपाटी से जुड़ा एक और विवाद सामने आया, जिसमें वार्ड पार्षद अमितेश नेताम की मान-प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचने की बात भी सामने आई। स्थानीय स्तर पर यह मामला काफी समय तक चर्चा का विषय बना रहा, लेकिन इसके समाधान को लेकर कोई ठोस पहल सामने नहीं आई।

*जानकारी नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन को है, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा: नए बस स्टैंड में सुलभ शौचालय के आस-पास पेशाब से परेशान यात्रियों की शिकायतें*

शहर के पुराने बस स्टैंड के पास स्थित सुलभ शौचालय के बगल में बनाए जाने वाले मूत्रालय की व्यवस्था को लेकर भी नागरिकों ने बार-बार आवाज उठाई। लोगों का कहना है कि यह स्थान शहर के व्यस्ततम इलाकों में से एक है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। इसके बावजूद वहां मूलभूत सुविधा के रूप में मूत्रालय की व्यवस्था को लेकर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

*नगर पालिका में “विकास” या “विवेकहीन पक्षपात”?
गार्डन चौक से जैन मंदिर तक—सवालों के घेरे में नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन*

इसी तरह जैन मंदिर परिसर के सामने सड़क निर्माण को लेकर भी चर्चा गर्म रही। कुछ लोगों का कहना है कि जब नगर निगम अध्यक्ष को पूरे जिले की जिम्मेदारी मिली है, तब शहर के अन्य क्षेत्रों में भी समान रूप से विकास कार्यों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। इस मुद्दे को लेकर भी कई बार शिकायत और खबरें सामने आईं, लेकिन अब तक इस पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इन सभी घटनाओं के बाद अब शहर में यह सवाल उठने लगा है कि आखिर विकास की प्राथमिकताएं क्या हैं और किस आधार पर निर्णय लिए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर निगम की जिम्मेदारी केवल कुछ स्थानों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पूरे शहर के संतुलित विकास पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
हालांकि प्रशासनिक स्तर पर यह भी कहा जा रहा है कि शहर में कई विकास कार्य लगातार चल रहे हैं और आने वाले समय में और भी योजनाएं लागू की जाएंगी। लेकिन जनता के बीच उठ रहे सवाल यह संकेत दे रहे हैं कि संवाद और पारदर्शिता को और मजबूत करने की जरूरत है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि लगातार सामने आ रही शिकायतों और चर्चाओं के बाद नगर निगम प्रशासन इन मुद्दों पर क्या कदम उठाता है। फिलहाल शहर में यही चर्चा है कि क्या इन सवालों का समाधान होगा या फिर विकास और सुशासन के दावे इसी तरह बहस का विषय बने रहेंगे।

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