

बलौदाबाजार, 23 फरवरी 2026।
वनमंडल बलौदाबाजार अंतर्गत वन परिक्षेत्र देवपुर में प्रकृति और परंपरा के सुंदर संगम के रूप में विकसित इको-पर्यटन नेचर कैंप ‘मड हाउस’ का सोमवार को औपचारिक लोकार्पण किया गया। हरियाली से आच्छादित शांत वातावरण में निर्मित यह कैंप प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों को एक अनूठा एवं पर्यावरण-अनुकूल अनुभव प्रदान करेगा।
देवपुर स्थित यह पहल न केवल पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि स्थानीय समुदाय की आर्थिक सशक्तता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक सार्थक कदम है।
पारंपरिक शैली में विकसित ‘मड हाउस’
नेचर कैंप का निर्माण स्थानीय संसाधनों एवं पारंपरिक वास्तुकला को ध्यान में रखते हुए किया गया है। मिट्टी, लकड़ी और प्राकृतिक सामग्री से निर्मित ‘मड हाउस’ पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली का संदेश देता है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य है—
प्रकृति के समीप पर्यटन अनुभव उपलब्ध कराना
इको-फ्रेंडली पर्यटन को बढ़ावा देना
स्थानीय ग्रामीणों के लिए स्थायी आय के अवसर सृजित करना
इस परियोजना के माध्यम से देवपुर क्षेत्र में इको-पर्यटन गतिविधियों को सशक्त करने, ग्रामीणों की सहभागिता बढ़ाने एवं रोजगार के नए अवसरों को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
पर्यटन ग्राम में नव-निर्मित रिसेप्शन भवन का शुभारंभ
इसी क्रम में प्रदेश के प्रसिद्ध वन्य क्षेत्र बारनवापारा अभ्यारण्य के पर्यटन ग्राम में नव-निर्मित रिसेप्शन भवन का भी शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी एवं जैव विविधता) एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक अरुण कुमार पांडे विशेष रूप से उपस्थित रहे।
नव-निर्मित रिसेप्शन परिसर को बारनवापारा की विशिष्ट पहचान, समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक विरासत को प्रदर्शित करने की दृष्टि से विकसित किया गया है। यहां स्थानीय वनस्पतियों, वन्यजीवों और पर्यटन संभावनाओं को आकर्षक एवं जानकारीपूर्ण स्वरूप में प्रस्तुत किया गया है, जिससे आगंतुकों को अभ्यारण्य की पारिस्थितिक विशेषताओं की समग्र जानकारी सहजता से प्राप्त हो सके।
संरक्षण और आत्मनिर्भरता का संगम
इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पांडे ने कहा कि इको-पर्यटन आधारित ऐसे प्रयास प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को मजबूत करते हैं और स्थानीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आजीविका संवर्धन को साथ लेकर चलना ही सतत विकास का वास्तविक मार्ग है।
व्यापक सहभागिता के साथ सम्पन्न हुआ कार्यक्रम
लोकार्पण समारोह में वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर, महिला स्व सहायता समूह देवपुर की सदस्याएं, नेचर कैंप इको-पर्यटन संचालन समिति, वन प्रबंधन समिति देवपुर के अध्यक्ष एवं सदस्य, बारनवापारा अभ्यारण्य के अधिकारीगण, परिक्षेत्र अधिकारी देवपुर सहित समस्त अधीनस्थ अधिकारी एवं वनकर्मी उपस्थित रहे।
इको-पर्यटन की दिशा में नई शुरुआत
देवपुर का यह नेचर कैंप न केवल पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान स्थापित करेगा, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के लिए आर्थिक उन्नति का सशक्त माध्यम भी बनेगा। प्रकृति की गोद में विकसित यह पहल आने वाले समय में क्षेत्र को इको-पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
हरियाली, जैव विविधता और ग्रामीण सहभागिता के संगम से सजी यह पहल सचमुच पर्यावरण संरक्षण और विकास के संतुलन की एक प्रेरक मिसाल बनकर उभरी है।









