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सनबीम स्कूल या ‘वसूली सेंटर’? कॉपियों के नाम पर लूट, विरोध करने पर मां को दीं गालियां!

हरदोई: शिक्षा के नाम पर 'गुंडागर्दी', सनबीम स्कूल की प्रिंसिपल ने पार की मर्यादा की हदें। गरीब मां का अपमान: ₹1200 की कॉपियों के लिए प्रिंसिपल ने महिला को कहा 'गंवार' और 'ब्लडी फूल'।

अजीत मिश्रा (खोजी)

शिक्षा के मंदिर में ‘गुंडागर्दी’: सनबीम स्कूल की प्रिंसिपल ने खोया आपा, गरीब मां को दीं गालियां!

  • सावधान अभिभावकों! सनबीम स्कूल में शिक्षा नहीं, मिलता है अपमान; डीएम से कार्रवाई की मांग।
  • हरदोई सनबीम स्कूल विवाद: पहले कमीशन का कोर्स, फिर स्कूल से जबरन कॉपियां खरीदने का दबाव!
  • भ्रष्ट तंत्र और अहंकारी प्रिंसिपल: मासूम एलिसा की पढ़ाई रोकी, मां को सरेआम किया जलील।
  • हरदोई शर्मसार: शिक्षा के मंदिर में मां के साथ बदसलूकी, सनबीम स्कूल का तानाशाही चेहरा उजागर!
  • स्कूल की धुरी या बदतमीजी की हद? सनबीम स्कूल हरदोई की प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप।

ब्यूरो रिपोर्ट: उत्तर प्रदेश

हरदोई। जिले के एस.पी. तिराहा स्थित ‘सनबीम स्कूल’ शिक्षा के नाम पर व्यापार और तानाशाही का अड्डा बनता जा रहा है। यहाँ शिक्षा की आड़ में न केवल अभिभावकों की जेब काटी जा रही है, बल्कि आवाज उठाने पर उन्हें सरेआम अपमानित और प्रताड़ित भी किया जा रहा है। ताज़ा मामला एक गरीब बेबस मां के साथ हुई बदसलूकी का है, जिसने स्कूल प्रशासन के रसूख और अहंकार की पोल खोलकर रख दी है।

कोर्स के नाम पर ‘कमीशनखोरी’ और ‘फरमान’

पीड़ित महिला के अनुसार, स्कूल की प्रिंसिपल ने पहले एक तय दुकान से कोर्स खरीदने का निर्देश दिया। जब अभिभावकों ने भारी-भरकम रकम खर्च कर कोर्स खरीद लिया, तो स्कूल ने नया ‘तुगलकी फरमान’ जारी कर दिया। अब दबाव बनाया जा रहा है कि पुरानी कॉपियां नहीं चलेंगी और स्कूल से ही ₹1200 की नई कॉपियां खरीदनी होंगी।

हद तो तब हो गई जब पैसा न दे पाने की स्थिति में मासूम बच्ची को स्कूल में प्रताड़ित करना शुरू कर दिया गया। तीन-चार दिनों तक बच्ची की कॉपियों पर कोई कार्य नहीं कराया गया, जिससे आहत होकर जब मां बात करने पहुंची, तो उसे प्रिंसिपल के भीषण अहंकार का सामना करना पड़ा।

‘गंवार’ और ‘ब्लडी फूल’ जैसे शब्दों से नवाजा

सभ्यता का पाठ पढ़ाने वाली प्रिंसिपल मैडम ने स्कूल परिसर में ही मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं। आरोप है कि उन्होंने पीड़ित महिला को निशाना बनाते हुए उसे ‘गंवार’, ‘ब्लडी’, और ‘फूल’ जैसे अपशब्द कहे। एक महिला और अभिभावक के सम्मान को सरेआम ठेस पहुंचाई गई। सवाल यह उठता है कि जो प्रिंसिपल खुद गालियां देकर बात करती हो, वह बच्चों को क्या संस्कार देगी?

जिलाधिकारी से न्याय की गुहार

पीड़ित महिला के पति बाहर रहकर मेहनत-मजदूरी करते हैं ताकि बच्ची को अच्छी शिक्षा मिल सके, लेकिन सनबीम स्कूल जैसे संस्थान गरीबों की मजबूरी का मजाक उड़ा रहे हैं। पीड़ित ने अब हरदोई के जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है और इस अहंकारी प्रिंसिपल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

बड़ा सवाल: क्या हरदोई का शिक्षा विभाग ऐसे स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाएगा या ‘कमीशन के खेल’ में मासूमों का भविष्य और अभिभावकों का सम्मान यूं ही बलि चढ़ता रहेगा?

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