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शवों पर मजाक, डॉक्टर बनने का सपना और देशभर में बवाल!KEM की MBBS छात्रा सेजल पवार के वायरल बयान पर मचा तूफान, जांच शुरू, साइबर केस दर्ज

मुंबई के प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल संस्थान Seth G.S. Medical College and KEM Hospital की एमबीबीएस छात्रा और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर Sejal Pawar एक कथित आपत्तिजनक कॉमेडी टिप्पणी के बाद राष्ट्रीय स्तर पर विवादों के केंद्र में आ गई हैं। पुरुष शवों के निजी अंगों को लेकर किए गए कथित मजाक ने मेडिकल जगत, सोशल मीडिया और आम जनता के बीच तीखी बहस छेड़ दी है।

मीनाक्षी विजय कुमार भारद्वाज/मुंबई

शवों पर मजाक, डॉक्टर बनने का सपना और देशभर में बवाल!KEM की MBBS छात्रा सेजल पवार के वायरल बयान पर मचा तूफान, जांच शुरू, साइबर केस दर्जIMG 20260613 WA0009

मुंबई : मुंबई के प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल संस्थान Seth G.S. Medical College and KEM Hospital की एमबीबीएस छात्रा और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर Sejal Pawar एक कथित आपत्तिजनक कॉमेडी टिप्पणी के बाद राष्ट्रीय स्तर पर विवादों के केंद्र में आ गई हैं। पुरुष शवों के निजी अंगों को लेकर किए गए कथित मजाक ने मेडिकल जगत, सोशल मीडिया और आम जनता के बीच तीखी बहस छेड़ दी है।कॉमेडी मंच से उठी चिंगारी, सोशल मीडिया पर लगी आग।कॉमेडियन Pranit More के शो के दौरान हुई बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में सेजल पवार कथित तौर पर मेडिकल अध्ययन के दौरान शवों के निजी अंगों को लेकर मजाकिया टिप्पणी करती दिखाई दीं। वीडियो सामने आते ही लोगों ने इसे चिकित्सा नैतिकता, मानव गरिमा और बॉडी डोनेशन की भावना के खिलाफ बताया।मामला इतना बढ़ गया कि कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कार्रवाई, मेडिकल लाइसेंस रद्द करने और कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग शुरू हो गई।NEET में 406 अंक, आरक्षित कोटे से मिला था प्रवेश।विवाद के बीच सेजल पवार की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी चर्चा का विषय बन गई है। जानकारी के अनुसार उन्होंने वर्ष 2022 में नीट-यूजी परीक्षा में 720 में से 406 अंक प्राप्त किए थे। इसके बाद उन्हें आरक्षित श्रेणी के तहत Seth G.S. Medical College and KEM Hospital में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश मिला।बताया जाता है कि बारहवीं कक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में उनके कुल 300 में से 190 अंक थे, जबकि अंग्रेजी में 100 में से 87 अंक प्राप्त हुए थे।KEM प्रशासन हरकत में, जांच समिति गठित।विवाद बढ़ने के बाद KEM अस्पताल प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल जांच समिति गठित कर दी है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यदि किसी भी छात्र या चिकित्सक का व्यवहार संस्थान की गरिमा को नुकसान पहुंचाता है तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा।अस्पताल प्रबंधन ने समिति से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। वहीं Maharashtra Cyber ने भी मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू करते हुए केस दर्ज किया है।डॉक्टरों में नाराजगी, मेडिकल समुदाय ने जताई चिंता।वायरल वीडियो के बाद मेडिकल समुदाय में भी नाराजगी देखने को मिली। कई डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने कहा कि शवदान करने वाले लोग चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए अमूल्य योगदान देते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की असंवेदनशील टिप्पणी पूरे मेडिकल पेशे की प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकती है।मेडिकल विशेषज्ञों का मानना है कि डॉक्टर और मेडिकल छात्र केवल चिकित्सा ज्ञान के प्रतिनिधि नहीं होते, बल्कि समाज के विश्वास के भी प्रतीक होते हैं। इसलिए सार्वजनिक मंचों पर जिम्मेदार व्यवहार अपेक्षित है।”मैं जिम्मेदारी लेती हूं” — सेजल की सार्वजनिक माफी।लगातार बढ़ते विरोध और आलोचना के बीच सेजल पवार ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सार्वजनिक माफी मांगी। उन्होंने कहा कि यह उनका पहला कॉमेडी शो था और उन्हें अंदाजा नहीं था कि उनकी टिप्पणी इतनी बड़ी बहस का विषय बन जाएगी।माफी संदेश में उन्होंने कहा कि वह अपने बयान का बचाव नहीं कर रहीं, बल्कि उसकी जिम्मेदारी स्वीकार करती हैं। उन्होंने इसे अपने जीवन का एक सीख देने वाला अनुभव बताया।बॉडी डोनेशन पर असर की आशंका।सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने चिंता जताई कि यदि मेडिकल छात्र शवदान करने वालों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार नहीं दिखाएंगे तो भविष्य में लोग मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान के लिए अपनी देह दान करने से हिचक सकते हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि चिकित्सा शिक्षा की नींव में मानव शरीर दान करने वाले लोगों का अमूल्य योगदान शामिल है और उनके सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।बड़ा सवाल।क्या सोशल मीडिया और कॉमेडी मंचों पर मेडिकल छात्रों की जिम्मेदारी आम लोगों से अधिक होनी चाहिए?क्या वायरल कंटेंट की दौड़ में प्रोफेशनल एथिक्स पीछे छूटते जा रहे हैं?

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