
श्री बंशीधर नगर। राजा पहाड़ी शिव मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष सिद्धेश्वर लाल अग्रवाल ने समिति के पूर्व महामंत्री नंदलाल प्रसाद द्वारा लगाए गए वित्तीय अनियमितता, मनमानी और अन्य आरोपों को पूरी तरह निराधार, भ्रामक और तथ्यों से परे बताया है। उन्होंने कहा कि नंदलाल प्रसाद को समिति की आपात बैठक में वित्तीय अनियमितता, मनमानी एवं स्वेच्छाचारिता के आरोपों के आधार पर महामंत्री पद से बर्खास्त किया गया था।
उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर के विकास में देशभर के शिवभक्तों का आर्थिक सहयोग रहा है और समय-समय पर सरकारी निधि से भी विकास कार्य कराए गए हैं। ऐसे में मंदिर पर किसी व्यक्ति या परिवार का स्वामित्व जताना जनभावनाओं के विपरीत है।
शिव मंदिर के अस्तित्व पर दिए बयान पर भी जताई आपत्ति
अग्रवाल ने नंदलाल प्रसाद के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने “अंतिम दम तक शिव मंदिर के अस्तित्व की रक्षा” की बात कही थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि संपूर्ण सृष्टि का अस्तित्व भगवान शिव से है, इसलिए किसी सामान्य व्यक्ति द्वारा मंदिर के अस्तित्व की रक्षा का दावा करना अहंकार और दंभ का परिचायक है।
पूर्व महामंत्री के कार्यकाल पर लगाए गंभीर आरोप
प्रेसवार्ता में सिद्धेश्वर लाल अग्रवाल ने आरोप लगाया कि नंदलाल प्रसाद के कार्यकाल के दौरान श्रद्धालुओं से व्यक्तिगत स्तर पर धन का लेन-देन किया गया। इसके अलावा मंदिर परिसर स्थित सरकारी भवन के निजी उपयोग और मंदिर की आड़ में बालू-गिट्टी के कथित अवैध कारोबार की शिकायत वार्ड पार्षद लव कुमार द्वारा एसडीओ से की गई थी।
उन्होंने दावा किया कि प्रशासनिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद नंदलाल प्रसाद ने कथित रूप से फर्जी पारिवारिक ट्रस्ट का गठन किया, जिसके बाद समिति ने उन्हें पद से हटा दिया।
ऑडिट नहीं होने का दिया स्पष्टीकरण
सिद्धेश्वर लाल अग्रवाल ने बताया कि पिछले लगभग दस वर्षों से अस्वस्थ रहने के कारण समिति के अधिकांश प्रशासनिक और वित्तीय कार्य नंदलाल प्रसाद ही देख रहे थे। इस दौरान समिति की नियमित बैठकें नहीं हुईं और आय-व्यय का पारदर्शी लेखा-जोखा भी प्रस्तुत नहीं किया गया।
उन्होंने आठ लाख रुपये की कथित वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि जिस ऑडिट रिपोर्ट का हवाला दिया जा रहा है, वह कभी तैयार ही नहीं हुई। उनके अनुसार समिति द्वारा नियुक्त ऑडिटर रामानंद पांडेय को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए, जिसके कारण ऑडिट पूरा नहीं हो सका।
श्रद्धालुओं से की अपील
समिति अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि राजा पहाड़ी शिव मंदिर निर्माण समिति विधिवत कार्यरत है। समिति का बैंक खाता सक्रिय है और मंदिर का संचालन एवं विकास कार्य नियमित रूप से जारी है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे किसी भी भ्रामक प्रचार या अफवाह पर ध्यान न दें तथा मंदिर की गरिमा और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें।







