उत्तर प्रदेशसोनभद्र

महुली में धूमधाम से मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस

शोभायात्रा में गूंजा आदिवासी संस्कृति का रंग, कर्मा और सैला नृत्य ने मोहा लोगों का मन

महुली सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_दुद्धी तहसील क्षेत्र के महुली में रविवार को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समुदाय द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। गोड़राजे राजा बरियार शाह युवा संगठन पोलवा एवं आदिवासी एकता विकास संगठन महुली के संयुक्त तत्वावधान में पूजा-अर्चना के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा राजा बरियार शाह मंदिर से प्रारंभ होकर महुअरिया रेलवे स्टेशन, रीवा-रांची मार्ग होते हुए महुली खेल मैदान पहुंची।IMG 20260809 151444
शोभायात्रा में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के महिला-पुरुष, युवा एवं बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। इस दौरान आदिवासी संस्कृति, परंपरा और एकता की झलक देखने को मिली। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन तथा नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
महुली खेल मैदान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सुषमा सिंह गौड़ तथा विशिष्ट अतिथि मनोज मिश्रा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष एवं वीरेंद्र चौधरी, मंडल अध्यक्ष ने आदिवासी समाज के पूर्वजों के चित्र के समक्ष दीप एवं धूप प्रज्वलित कर किया।IMG 20260809 181204
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सुषमा सिंह गौड़ ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस आदिवासी समाज की गौरवशाली संस्कृति, परंपरा, भाषा और विरासत को सम्मान देने का महत्वपूर्ण अवसर है। आदिवासी समाज ने सदियों से अपनी संस्कृति और प्रकृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने समाज के लोगों से अपनी परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने तथा बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की एकता और शिक्षा ही विकास की सबसे मजबूत आधारशिला है।
विशिष्ट अतिथि मनोज मिश्रा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराएं भारतीय सभ्यता की महत्वपूर्ण धरोहर हैं। समाज के महापुरुषों और पूर्वजों के संघर्ष एवं योगदान को याद करते हुए युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जनजातीय समाज के विकास एवं शिक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए सभी को जागरूक होना चाहिए।
वीरेंद्र चौधरी, मंडल अध्यक्ष ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आपसी एकता से है। ऐसे आयोजनों से समाज के लोगों में एकजुटता बढ़ती है और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानकारी मिलती है। उन्होंने सभी से शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और विकास के लिए मिलकर कार्य करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समुदाय की महिलाओं और पुरुषों ने पारंपरिक मानर की थाप पर कर्मा एवं सैला नृत्य प्रस्तुत किया। पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। मैदान में आदिवासी संस्कृति की मनमोहक छटा देखने को मिली और पूरा वातावरण उत्सवमय हो गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में गोड़राजे राजा बरियार शाह युवा संगठन पोलवा के अध्यक्ष त्रिपुरारी सिंह, उपाध्यक्ष जितेंद्र पोयाम तथा आदिवासी एकता विकास संगठन महुली के अध्यक्ष रामलखन पनिका, उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह आयम, सचिव सुरेश सिंह पोयाम एवं संयोजक मंदिश सिंह आयाम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी पदाधिकारी कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में सक्रिय रूप से जुटे रहे।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान महुली अरविंद जायसवाल, उदय शर्मा, मनोज भारती, चंद्रप्रकाश प्रजापति, पितरम सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण एवं आदिवासी समाज के लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज की एकता, संस्कृति एवं परंपराओं को संरक्षित रखने का संकल्प भी लिया गया।

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