सिद्धार्थनगर में अपराधी प्रवृत्ति के चन्दन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई,
6 माह के लिए जिला बदर
डीएम शिवशरणप्पा जीएन की अदालत का आदेश, गंभीर धाराओं में दर्ज हैं तीन मुकदमे; जिले की सीमा में प्रवेश पर रोकl

सिद्धार्थनगर जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट शिवशरणप्पा जीएन की अदालत ने उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के तहत त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के बिस्कोहर निवासी चन्दन पुत्र झीनकू को छह माह के लिए जिला बदर करने का आदेश जारी किया है।
यह कार्रवाई वाद संख्या 167/2023 में सुनवाई के बाद की गई। आदेश के अनुसार मामले की कार्यवाही पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर के दिनांक 9 जनवरी 2023 के पत्र के आधार पर शुरू हुई थी। यह पत्र थाना त्रिलोकपुर के थानाध्यक्ष की रिपोर्ट पर आधारित था।
पुलिस रिपोर्ट में चन्दन को आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति बताते हुए कहा गया कि उसके खिलाफ आपराधिक गतिविधियों से संबंधित मामले सामने आए हैं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि उसके कारण आम जनता में भय का वातावरण है और लोग उसके खिलाफ साक्ष्य देने में भय महसूस करते हैं।
तीन मुकदमों का उल्लेख
डीएम के अंतिम आदेश में चन्दन के खिलाफ कुल तीन आपराधिक मुकदमों का उल्लेख किया गया है।
डीएम के अंतिम आदेश में चन्दन के खिलाफ कुल तीन आपराधिक मुकदमों का उल्लेख किया गया है।
पहला मामला मु0अ0सं0 83/2020 है, जिसमें धारा 380/411 भारतीय दंड संहिता का उल्लेख है।
दूसरा मामला मु0अ0सं0 106/2020 है, जिसमें भी धारा 380/411 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज होने का उल्लेख आदेश में है।
वहीं तीसरा मामला मु0अ0सं0 146/2020 है, जिसमें धारा 457, 380, 188, 269, 270 भारतीय दंड संहिता, महामारी अधिनियम की धारा 3 तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 से संबंधित प्रावधानों का उल्लेख किया गया है।
इसके अलावा आदेश में बीट सूचना रपट संख्या 33, दिनांक 8 दिसंबर 2022 और जांच रपट संख्या 59 का भी उल्लेख किया गया है।
नोटिस के बावजूद नहीं हुआ उपस्थित
मामले में विपक्षी चन्दन को न्यायालय की ओर से 23 फरवरी 2023 को नोटिस जारी किया गया था। आदेश के मुताबिक नोटिस की
तामीला कराई गई और सुनवाई के लिए कई बार पुकार भी कराई गई, लेकिन विपक्षी न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ।
सुनवाई के दौरान ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी, सिद्धार्थनगर न्यायालय में उपस्थित हुए और उन्होंने प्रशासन की ओर से अपना पक्ष रखा। अभियोजन अधिकारी ने न्यायालय को बताया कि विपक्षी को अपना पक्ष रखने के लिए कई अवसर दिए गए, लेकिन उसकी ओर से कोई आपत्ति प्रस्तुत नहीं की गई।
अधिकारियों की रिपोर्टों का भी हवाला
जिलाधिकारी ने अपने आदेश में अपर पुलिस अधीक्षक, उपजिलाधिकारी इटवा और क्षेत्राधिकारी पुलिस इटवा की 13 दिसंबर 2022 की आख्या तथा पुलिस अधीक्षक की 23 दिसंबर 2022 की आख्या का भी उल्लेख किया है।
इन रिपोर्टों और पत्रावली के अवलोकन के बाद जिलाधिकारी ने माना कि विपक्षी के स्वच्छंद विचरण से क्षेत्र की शांतिप्रिय जनता में भय एवं असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो रहा है।
जनसुरक्षा और लोक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने चन्दन को जिले की सीमा से बाहर करना न्यायसंगत माना।
छह महीने तक जिले में प्रवेश पर रोक
अंतिम आदेश में जिलाधिकारी ने पूर्व में जारी नोटिस की पुष्टि करते
हुए चन्दन को छह माह के लिए जनपद सिद्धार्थनगर की सीमा से निष्कासित कर दिया है।
आदेश के तहत जिला बदर की निर्धारित अवधि के दौरान चन्दन सिद्धार्थनगर की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
इसके साथ ही आदेश में उसे लाठी, आग्नेयास्त्र, तेज धार वाले हथियार अथवा किसी मादक वस्तु को अपने कब्जे में रखने और इस्तेमाल करने से भी प्रतिबंधित किया गया है।
अदालत में पेशी के लिए विशेष प्रावधान
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी सक्षम न्यायालय में चल रहे मुकदमे की पैरवी या उपस्थिति के लिए सिद्धार्थनगर
आना आवश्यक हो, तो उसे संबंधित थाना प्रभारी को पहले से सूचना देनी होगी। इसके बाद ही वह आवश्यक न्यायिक कार्यवाही के लिए जिले की सीमा में प्रवेश कर सकेगा।
इसके अलावा जहां वह सामान्य रूप से निवास करेगा, वहां के संबंधित थाना प्रभारी को अपने आवागमन की सूचना देते रहने का निर्देश दिया गया है।
यदि वह उत्तर प्रदेश की सीमा से बाहर जाता है, तो उसे अपने पते की सूचना पाक्षिक रूप से न्यायालय को भेजनी होगी।
आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने आदेश की प्रति पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर और संबंधित थानाध्यक्ष को भेजने का निर्देश दिया है। साथ ही आरोपी को आदेश की तामीला कराने और अनुपालन आख्या न्यायालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जिला बदर किए गए व्यक्ति द्वारा आदेश का उल्लंघन किया जाता है, तो उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम की धारा 10 और 11 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
यह पूरा आदेश 21 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट शिवशरणप्पा जीएन द्वारा खुले न्यायालय में हस्ताक्षरित, दिनांकित और घोषित किया गया। कुल मिलाकर, प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चन्दन को छह माह के लिए सिद्धार्थनगर से बाहर रखने का फैसला लिया है।


