

*पत्रकार सम्मान समारोह एवं पंजीयन वर्षगांठ पर आपत्तिजनक पोस्ट का मामला कोर्ट पहुंचा
ऋषि शुक्ला पर बीएनएस की धारा 356, 194, 196 सहित सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत कार्रवाई की मांग
अधिवक्ता के माध्यम से ऋषि शुक्ला पर एफआईआर कराने हेतु न्यायालीन कार्यवाही करने प्रेस क्लब की बैठक में प्रस्ताव पारित।
बलौदाबाजार l बलौदाबाजार प्रेस क्लब के स्थापना दिवस एवं पत्रकार सम्मान समारोह को लेकर सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक पोस्ट किए जाने का मामला अब न्यायालय की चौखट तक पहुंच गया है। पुलिस द्वारा कथित शिकायतों के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं किए जाने से नाराज बलौदाबाजार प्रेस क्लब ने बैठक आयोजित कर विधिवत प्रस्ताव पारित किया और कानूनी कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाया है।
मामले में प्रेस क्लब की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश चंद्र श्रीवास्तव के माध्यम से माननीय न्यायालय मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी बलौदाबाजार के समक्ष याचिका प्रस्तुत कर ऋषि शुक्ला पिता सिद्धनाथ शुक्ला के विरुद्ध पुलिस को अपराध पंजीबद्ध कर उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
स्थापना दिवस को लेकर फेसबुक पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
शिकायत में बताया गया है कि 24 जून 2026 को बलौदाबाजार प्रेस क्लब के पंजीयन का एक वर्ष पूर्ण होने पर सदस्यों द्वारा स्थापना दिवस एवं पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। आरोप है कि इसी दिन ऋषि शुक्ला ने अपने फेसबुक अकाउंट से कार्यक्रम को लेकर अत्यंत अपमानजनक एवं आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट की।
शिकायत के अनुसार पोस्ट में कथित तौर पर लिखा गया— “ भाईयों आज कौन से गधे संस्था का वर्षगांठ का दिन है ”। आरोप है कि उक्त पोस्ट को बाद में व्हाट्सऐप के माध्यम से विभिन्न ग्रुपों में भी साझा किया गया।
इसके अगले दिन 25 जून 2026 को भी कथित रूप से कई व्हाट्सऐप ग्रुपों में “कल किस गधे संस्था का वर्षगांठ था” जैसी पोस्ट वायरल की गई। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस पोस्ट में कार्यक्रम में उपस्थित सम्मानित नगरवासियों के चेहरों पर भी आपत्तिजनक तरीके से गधे का चेहरा लगाकर प्रसारित किया गया।
बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग
प्रेस क्लब की ओर से प्रस्तुत याचिका में इन पोस्ट को आवेदकगण एवं सम्मानित नगरवासियों से संबंधित होना बताते हुए आपत्तिजनक और मानहानिकारक बताया गया है। शिकायत में संबंधित पोस्ट एवं उसके प्रसारण को लेकर बीएनएस की धारा 356, 194, 196 सहित तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
पुलिस पर संरक्षण देने का आरोप
मामले में प्रेस क्लब ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मामला संवेदनशील होने और लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद पुलिस द्वारा ऋषि शुक्ला के विरुद्ध अब तक अपराध पंजीबद्ध नहीं किया गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि ऋषि शुक्ला के विरुद्ध पूर्व में भी कई अपराध पंजीबद्ध हैं तथा कुछ शिकायतों में जांच लंबित है। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने और कथित तौर पर बिना पंजीकृत ज्योति पब्लिक न्यूज नाम के वेब पोर्टल के आधार पर उन्हें पुलिस के संवाद ग्रुप में जोड़े रखने से पुलिस द्वारा संरक्षण दिए जाने की आशंका व्यक्त की गई है।
हालांकि, पुलिस की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
अब न्यायालय से कार्रवाई की उम्मीद
लगातार शिकायतों के बावजूद पुलिस स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए प्रेस क्लब ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। अब इस मामले में न्यायालय में प्रस्तुत प्रकरण और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्यवाही होने की उम्मीद है l
मामले ने सोशल मीडिया के माध्यम से किसी संस्था, उसके सदस्यों और सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल लोगों के विरुद्ध कथित अपमानजनक सामाग्री प्रसारित किए जाने तथा ऐसी शिकायतों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

