
तारुन अयोध्या
सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के सरकार व उच्चाधिकारियो का आदेश सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हैदरगंज के अधीक्षक व डॉक्टरों के लिए कोई मायने नहीं रखता। क्षेत्र के गरीब मजदूर मरीजों को बाहर की जांच व दवाइया लिखने पर कड़ी रोक लगने के बावजूद सीएचसी हैदरगंज के डॉक्टरो द्वारा बेखौफ बाहर की दवाएं लिखी जा रही है। बाहर मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के बाद ओपीडी में इलाज कर रहे अधीक्षक के ऊपर एक गरीब परिवार की महिला ने गम्भीर आरोप लगाये है। पीड़िता का कहना है कि हमारे ही साथ में कई मरीजों को बाहर की महंगी महंगी दवाइया लिखी गई । वह गरीब महिला न चाहते हुए भी मेडिकल स्टोर से महंगी दवाइया खरीदने को मजबूर हुई है।प्रशासन भी सब कुछ जानते हुए भी हाथ पर हाथ धरे बैठा है।सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हैदरगंज की ओपीडी में औसतन50 से 60 मरीज इलाज के लिए गावो से आते हैं। इनमें से अधिकांश मरीज गरीब तबके के होते हैं।मरीजों की शिकायत रहती है कि अधिकांश डॉक्टर व चिकित्सा अधीक्षक स्वास्थ्य केन्द्र से कुछ दवाइया देने के बाद बाहर की महंगी महंगी दवाइया लिख देते हैं।बाहर की दवाइया महंगी होने पर गरीब मजदूर तबके के मरीज इसे खरीद पाने में असमर्थ होते हैं। आरोप लगाया जा कि डॉक्टरों द्वारा सरकारी पर्ची पर नही अलग से छोटी छोटी पर्ची पर कमीशन की महंगी महंगी दवा लिखी जाती है। जो कि चिन्हित चुनिंदा मेडिकल स्टोर पर ही मिलती है।,इस तरह के आरोप महिला के अलावा पाली अचलपुर के मजरे शिवपुर निवासी श्री भगवान ने भी लगाये।उनका कहना था कि उन्हें 560 रुपये की बाहर की दवा लिख दी गई , गांव के गरीब लोग इतने पैसे लेकर सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए नही आते हैं। कुछ लोगो ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि डॉक्टरों द्वारा आए दिन बाहर की महंगी महंगी दवाएं लिखी जा रही हैं।
आपको बता दें कि हैदरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर जो भी मरीज आते हैं,डॉक्टर साहब मरीज को या उनके परिजनों को छोटी छोटी पर्चियों पर कमीशन की महंगी महंगी दवाएं लिख देते हैं। ,जिससे परिजन बड़े मुश्किल से खरीद पाते हैं।
















