
10 वीं और 12 वीं में 65 लाख से अधिक विद्यार्थी हुए फेल
देशभर में बीते साल 10 वीं और 12 वीं में 65 लाख से अधिक विद्यार्थी फेल हो गए । राज्य बोर्डों में असफल छात्रों की संख्या अधिक दर्ज की गई । वहीं , दोनों कक्षाओं में ओपन स्कूल का प्रदर्शन भी खराब रहा । 2023 में 56 राज्य शिक्षा बोर्ड व तीन राष्ट्रीय बोर्ड के कक्षा 10-12 के नतीजों के विश्लेषण से पता चला कि सरकारी स्कूलों से 12 वीं की परीक्षा में लड़कियां अधिक शामिल हुईं , पर निजी स्कूलों व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में लड़के ज्यादा शामिल हुए । सरकारी स्कूलों में बेटियों की ज्यादा संख्या , जबकि निजी स्कूलों में बेटों की ज्यादा तादाद देश में लड़कियों के प्रति अभिभावकों के भेदभाव को दिखाती है । इसके बावजूद , बेटियों ने पास प्रतिशत में छात्रों को बहुत पीछे छोड़ दिया । मंत्रालय के अनुसार , निजी स्कूलों में 12 वीं बेटियों का पास प्रतिशत 87.5 फीसदी रहा , जबकि छात्रों में यह 75.6 फीसदी था । निजी स्कूलों में 9 लाख छात्र फेल हुए , जबकि छात्राएं करीब 4 लाख ही फेल में छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत छात्रों से छह फीसदी अधिक रहा । शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा , कक्षा 10 के करीब 33.5 लाख विद्यार्थी अगली कक्षा में नहीं पहुंच सके । इनमें 5.5 लाख तो परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए ।




