

एकलव्य विश्वविद्यालय दमोह में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना के 55वें स्थापना दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति डॉ. सुधा मलैया, प्रति कुलाधिपति श्रीमती पूजा मलैया एवम श्रीमती रति मलैया के कुशल नेतृत्व में कुलगुरू प्रोफेसर डॉ. पवन कुमार जैन एवं कुलसचिव डॉ. प्रफुल्ल शर्मा के निर्देशन में राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में शासकीय पी जी कॉलेज, दमोह से प्रोफेसर डॉ. मीरा माधुरी महंत, सरपंच हथना श्री परशुराम मिश्रा, सरपंच बांसा तारखेड़ा श्री रोहन पाठक, सरपंच बरबाँसा, कौरासा श्री लीला गौंड एवं सरपंच सिहोरा पड़रिया श्रीमती सरस्वती ठाकुर की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ वाणी की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
इसके बाद अतिथियों का स्वागत पौधा,साल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर किया गया। विश्वविद्यालय के कुलगुरू द्वारा सभी सरपंचों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत उत्कृष्ट कार्य हेतु स्वच्छता ही सेवा 2024 प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. शैलेन्द्र जैन ने स्वागत उद्बोधन किया। इसके बाद राष्ट्रीय सेवा योजना लक्ष्य गान स्वयंसेविका आस्था, ज्योति, साधना एवं शोभा द्वारा प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारी डॉ. सुधीर गौतम ने राष्ट्रीय सेवा योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कुलगुरू प्रो.जैन ने समाज सेवा को सर्वोपरि कर्तव्य मानते हुए स्वयंसेवकों को मंगलकामनाएँ दिए।कुलसचिव डॉ. प्रफुल्ल शर्मा ने राष्ट्रीय सेवा योजना के ध्येय वाक्य को विश्लेषित करते हुए सभी स्वयं सेवकों को शुभकामनाएं दिए। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रोफेसर मीरा माधुरी महंत ने आशीर्वचन प्रदान करते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना को बताया कि यह संपूर्ण मानव बनाने के लिए प्रेरित करता है। हमारा प्रत्येक कार्य श्रमदान के रूप में होना चाहिए। युवाओं को हमेशा युग परिवर्तन के लिए तैयार रहना चाहिए।
बांसा तारखेड़ा सरपंच श्री रोहन पाठक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्वच्छ भारत मिशन में एकजुट होकर कार्य करने की बात कही। छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. शैलेन्द्र जैन ने समर्पण भाव से समाज की सेवा करने का संकल्प दिलाया। अधिष्ठाता अकादमिक डॉ. अर्चना पाठक ने सभी स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा के साथ सेवा करने की बात कही। इसके बाद अतिथियों द्वारा सत्र 2022-23 एवं 2023-24 के स्वंय सेवकों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। यह प्रमाण पत्र स्वयंसेवकों को 240 घंटे की सेवा कार्य के लिए प्रदान किया गया।कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारी श्रीमती ज्योति कुर्मी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का मंच संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारी डॉ. हृदय नारायण तिवारी ने किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी सुश्री शगुफ्ता खान, सुश्री प्रांजल शेलार के साथ सभी संकाय के अधिष्ठाता,विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकों, विश्वविद्यालय के शोधार्थियों- विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक राष्ट्रगान कर कार्यक्रम का समापन किया गया।





