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आरएसएस मेमोरियल में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का मनाया गया महापरिनिर्वाण दिवस।

IMG 20241206 183334           संवाददाता _ गायत्री पाण्डेय

बलिया । रामसुंदर स्मारक शिक्षण सेवा संस्थान चौकारी चिलकहर, बलिया के प्रांगण में विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा वर्तमान भारत के रचनाकार भारत रत्न से सम्मानित सामाजिक न्याय के प्रणेता बोधिसत्व डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर उनके चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए डॉ कृष्ण मोहन यादव ने कहा कि डॉक्टर साहब के बताए गए आदर्श और सिद्धांतों को पुन: संकल्पित किया जाए तभी समाज चुनौतियों का सामना करते हुए विकास कर सकेगा । इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को बताया कि डॉक्टर भीमराव अंबेडकर हमारे देश के पहले ऐसे भारतीय थे जो विदेश से अर्थशास्त्र में पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। कई भाषाओं के जानकार रहे। कोलंबिया विश्वविद्यालय से लेकर लंदन स्कूल आफ इकोनॉमिक्स से उच्च शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात समाज में व्याप्त सामाजिक असमानताओं को दूर करने के लिए संघर्षरत रहे जैसा की सामाजिक कुरीतियों के चलते दलित समाज शिक्षा से बहुत दूर रहा ।जिससे उसका विकास समय से नहीं हो सका। वह समाज के लोगों को बताते रहते थे की वही समाज आगे बढ़ सकता है जो शिक्षित हो और संगठित हो ।उनका नारा था कि ” शिक्षित बनो संगठित रहो और संघर्ष करो” तभी तुम्हारा हक और सामान मिल सकता है। दूसरी तरफ धर्म में व्याप्त अंधविश्वास को भी दूर करने का प्रयास किया था जिसमें वह कहा करते थे की जो भीड़ मंदिरों की तरफ जा रही है उसे स्कूल की तरफ जाना चाहिए तभी हमारे समाज का विकास तीव्र गति से हो सकता है । आने वाले समय की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यह बताते थे की “शिक्षा वह शेरनी का दूध है जिसको जो जितना पिएगा उतना ही दहाड़ेगा” ।इस प्रकार देखा जाए तो हर समाज के लोग को डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के बताए गए सिद्धांत और नीतियों को स्वीकार करना पड़ा ।उन्होंने दलित समाज से हमेशा यह कहा करते थे की संविधान में जो भी नियम बनाए गए हैं वह आने वाले समय में उसको लागू करने वाले उस शासक पर निर्भर करेगा कि वह संवैधानिक आदर्श को कितना समझ रख पाता है ।आज हमारा देश चुनौतियों से घिरा हुआ है। एक तरफ समाज में व्याप्त सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक असमानताएं कम नहीं हो रही हैं। हमारे देश के युवा काफी मात्रा में शिक्षित बेरोजगार की श्रेणी में इधर-उधर भटक रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी शिक्षा का समावेश बढ़ाना चाहिए तभी हम अपने देश को तरक्की की नई राह पर ले जा सकेंगे ।इस अवसर पर विद्यालय के समस्त अध्यापकगण द्वारा डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया गया और उनके आदर्श सिद्धांतों को पुनः सजीवता प्रदान करने के लिए छात्रों से अपील किया गया।इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक श्री रमेश चंद, विनोद कुमार यादव,घनश्याम सिंह, नर्वदेश्वर पांडे जी, लक्ष्मण राम जी, सदानंद शर्मा, श्रीमती शशिकला, संगीता चौरसिया, कुमारी सीमु, ललन राजभर, राधेश्याम, रमाकांत राम, मारुति नंदन मिश्रा, अरुण कुमार यादव, बब्लू यादव आदि उपस्थित रहे।

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