
शोहरतगढ़। सीएचसी शोहरतगढ़ में एक गर्भवती के उपचार में लापरवाही बरतने के मामले में दो सदस्यीय जांच टीम ने मंगलवार को सीएचसी पहुंच कर नर्स और पीड़ित महिला का बयान दर्ज किया। दो स्टाफ नर्स व वार्ड आया को बयान के लिए बुधवार को सीएमओ कार्यालय बुलाया गया है।
शोहरतगढ़ कस्बे के गड़ाकुल निवासी रेखा ने डीएम डाॅ. राजा गणपति आर. से शिकायत कर बताया कि उनकी बहू मालती गर्भवती थी। 14 जनवरी को पीड़ा होने के बाद सीएचसी लेकर गई। जहां दोपहर एक बजे बहू का नार्मल बच्चा हुआ। किसी कारण से बहू का खून गिरना बंद नहीं हो रहा था। इसको लेकर प्रसव कक्ष में तैनात नर्स को जानकारी दी। नर्स द्वारा कहा गया कि अभी ठीक हो जाएगा। शाम तक जब खून गिरना नहीं बंद हुआ तो पुनः नर्स को जानकारी दी कि चिकित्सक से दिखा दो, लेकिन उसने कोई जानकारी चिकित्सक को नहीं दी। 10 बजे रात में जब उसकी तबीयत बहुत खराब हो गई। तब उसे रेफर कर दिया गया।जिला मेडिकल काॅलेज से उसे गोरखपुर भेजा गया। किसी तरह फिर जिला मुख्यालय मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया। चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड करवाया तो बताया कि प्रसव के दौरान झिल्ली फट जाने से खून गिर रहा था। चिकित्सक ने टांका लगाकर ठीक किया। किसी तरह व्यवस्था कर खून चढ़वाया। तब बहू की जान बच पाई। शिकायत के आधार पर डीएम ने एसीएमओ डाॅ. बीएन चतुर्वेदी व डाॅ. शेषभान गौतम की दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर जांच करने का निर्देश दिया।





