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बड़ी खबर | मऊ में मंदिर के पुजारी की महिलाओं ने चप्पल और जूते से की पिटाई: पुलिस ने मामला शांत कराया

महिला का आरोप था कि पुजारी ने उनके दामाद का सिर फाड़ दिया था, जिसके बाद गुस्साए लोग पुजारी पर टूट पड़े और उन्होंने उसे चप्पलों और जूतों से पीटना शुरू कर दिया।

🟥 बड़ी खबर | मऊ में मंदिर के पुजारी की महिलाओं ने चप्पल और जूते से की पिटाई: पुलिस ने मामला शांत कराया

📍 मऊ, उत्तर प्रदेश – विशेष संवाददाता – एलिक सिंह

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में एक विवाद के बाद मंदिर के पुजारी की महिलाओं ने चप्पलों और जूतों से बुरी तरह पिटाई कर दी। यह घटना स्थानीय मंदिर के परिसर में हुई, जहां एक व्यक्ति के सिर पर चोट लगने को लेकर विवाद शुरू हो गया। महिला का आरोप था कि पुजारी ने उनके दामाद का सिर फाड़ दिया था, जिसके बाद गुस्साए लोग पुजारी पर टूट पड़े और उन्होंने उसे चप्पलों और जूतों से पीटना शुरू कर दिया।

📌 घटना का पूरा विवरण:

घटना मऊ जिले के एक प्रसिद्ध मंदिर की है, जहां पुजारी द्वारा किए गए एक कथित हमले के कारण स्थिति बिगड़ गई। महिला का आरोप था कि पुजारी ने उनके दामाद के साथ झगड़ा करते हुए उसे गंभीर चोटें पहुंचाई, जिसके कारण उनके दामाद का सिर फट गया। इस घटना के बाद गुस्साई महिलाओं ने मंदिर परिसर में पुजारी को घेर लिया और उसे चप्पलों और जूतों से जमकर पीटना शुरू कर दिया।

महिला का कहना था कि पुजारी ने न केवल उनके दामाद पर हमला किया, बल्कि उसे अपमानित भी किया। इस आरोप को लेकर स्थानीय लोग भी उग्र हो गए और उन्होंने पुजारी पर हमलावरों की तरह हमला कर दिया।

⚠️ पुलिस का हस्तक्षेप और मामला शांत करना:

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल स्थिति को काबू में किया। पुलिस ने महिलाओं और अन्य स्थानीय लोगों को समझाया और दोनों पक्षों को शांत किया। पुलिस ने पुजारी को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और मामले की जांच शुरू की।

पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों से बयान लिए और जांच के दौरान यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि क्या पुजारी ने वास्तव में दामाद को चोट पहुंचाई थी, या यह केवल एक पारिवारिक विवाद था, जो बढ़कर हिंसा में बदल गया।

📝 मामला उठाता है कई सवाल:

यह घटना एक बार फिर से यह सवाल उठाती है कि किस प्रकार का विवाद किसी की व्यक्तिगत सुरक्षा और समाज में शांति की स्थिति को खतरे में डाल सकता है। जहां एक ओर महिला का आरोप है कि पुजारी ने दामाद पर हमला किया, वहीं दूसरी ओर यह भी सवाल उठता है कि क्या इस तरह की हिंसा उचित है, खासकर जब मामला पारिवारिक विवाद का हो।

यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे समाज में यह संदेश देती है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में पुलिस को सक्रिय रूप से हस्तक्षेप करना चाहिए और दोनों पक्षों को सुनकर निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।

📢 जनता का सवाल:

“क्या किसी विवाद के चलते इस तरह की हिंसा को स्वीकार किया जा सकता है? क्या हिंसा से किसी समस्या का समाधान होता है?”

🕵️‍♂️ पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच:

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और जांच जारी है। अब यह देखना होगा कि पुलिस मामले में निष्पक्ष जांच के बाद किस प्रकार की कार्रवाई करती है। क्या यह घटना सिर्फ एक पारिवारिक विवाद था या फिर इसमें और भी गहरे कारण छिपे हुए हैं?

पुलिस के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण मामला है, क्योंकि यह न केवल समाज में हिंसा के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता को दर्शाता है, बल्कि न्याय की प्रक्रिया में पारदर्शिता और संवेदनशीलता को बनाए रखने का भी एक संकेत है।

🖊️ एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
जिला प्रभारी – भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद
📞 मो.: 8217554083

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