
देवबंद। नगर और क्षेत्र मे बुधवार की सुबह हुई दो ढाई घंटे की वर्षा ने जहां गर्मी से राहत प्रदान की और लोगों के चेहरे खिल गए वही नगरपालिका के नाली नालों की सफाई की पोल खुल गई है। नगर के अनेकों गली मोहल्लों और बाजारों मे जलभराव के चलते जनता परेशान रही है।
नगर व क्षेत्र में हफ्तों से जानलेवा गर्मी पड रही थी जबकी आसपास के क्षेत्रों में वर्षा होरही थी। जनता त्राहि त्राहि कर रही थी और गांव देहातों मे तो छोटी छोटी बच्चियों से टोटका गुड़ियां फुकवाई जा रही थी। कुछ लोगों का मानना है कि ऐसा करने से वर्षा हो जाती हैं।
इस दो ढाई घंटे की हुई जमकर वर्षा से जहां थोडा गर्मी से राहत मिली है, खेत खलिहान पानी से लबालब हो गये है वही इस वर्षा से नगर के निचले भागों सहित नालों के पास के इलाकों और बाजारों मे पानी भर गया, जिसके चलते जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है।
प्रदेश
के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की सभी नगरपालिका, नगरपंचायत और निगमों को 30 जून से पहले नाले व नालियां साफ कराने के आदेश दिए थे पर पालिका सफाई विभाग की घोर लापरवाही के चलते यह सब जून मे आधा अधूरा किया गया और उसी का नतीजा देखने को मिला है उल्लेखनीय है कि नगर के नाले तली तक कभी 15,20 वर्षं पूर्व भी उस समय हुए थे जब नगरपालिका को प्रशासक देख रहे थे। जल भराव का प्रमुख कारण नालों की तली तक सफाई का न होना है। पिछले वर्ष चेयरमैन विपिन गर्ग ने नालों की कुछ गहराई तक सफाई कराई थी मगर वर्षा होजाने के कारण कार्य उस प्रकार नही हो सका था जैसा होना था। इस वर्ष विभाग की लापरवाही का यह नतीजा है। नालों मे कूडा व गोबर डालने वालों के विरुद्ध कार्रवाई न होना भी इसके लिए बडा जिम्मेदार हैं। दूसरे प्रत्येक वर्ष नालों को ऊपर ऊपर से साफ कराकर विभाग अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेता है।








