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रविवार 19 अक्टूबर 2025, छत्तीसगढ समाचार-: प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ राज्य में शिक्षा सत्र 2026-27 से विद्यार्थियों को अब से अलग अलग पंजीयन करवाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। जानकारी के अनुसार राज्य के स्कूलों में अब नर्सरी कक्षा में प्रवेश लेते समय छात्र छात्राओं को एक आपार नंबर-” ऑटोमेटेड परमानेंट अकादमिक एकाउंट रजिस्ट्रेशन नंबर ” मिलेगा जो कि आजीवन बना रहेगा। जानकारी अनुसार इस आपार नंबर पर स्कूली शिक्षा एवं उच्च शिक्षा से संबंधित सभी रिकार्ड दर्ज रहेंगे। अभीतक स्कूलों में कक्षा नौवीं में नामांकन किया जाता था जो कि कक्षा बारहवीं कक्षा के अध्ययन तक जारी रहता था, इसके आगे महाविद्यालयों में प्रवेश पाने के बाद अलग से नामांकन किया जाता है, इसमें मिलने वाले नंबर से छात्र छात्राओं का उच्च शिक्षा से संबंधित रिकार्ड रहता है, इसमें दोनों के लिए शुल्क भी अलग अलग देना पड़ता होता है। विद्यार्थि दो अलग अलग नंबरों को भूल जाते, याद नहीं रख पाते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को ध्यान मे रखकर अब स्कूली बच्चों का स्कूल में नर्सरी कक्षा में प्रवेश लेते समय ही एक आपार आईडी बनाई जायेगी। जानकारी अनुसार इससे स्कूल तथा उच्च शिक्षा विभाग को यह आशा है कि एबीसी और आपार आईडी के अनिवार्य हो जाने पर नर्सरी, प्राइमरी, मिडिल, हाई हायर सेकंडरी, स्नातक, स्नातकोत्तर, लघु शोध, एवं पीएचडी करने वालों छात्र छात्राओं का सही पंजीयन नंबर भी माल सकेगा, और इससे यह भी मालूम हो सकेगा कि कक्षा दर कक्षा कितने छात्र छात्राएं लगातार अध्यनरत रहतें हैं और कितने अध्ययन छोड़ देते हैं। इससे जीआर-ग्रास इनरोलमेंट रेशियो” का भी सही सही अनुमान लगाया जा सकता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आपार आई नंबर में छात्र छात्राओं के सभी अकादमिक रिकार्ड दर्ज रहेंगे। एक बार आपार आईडी के बन जाने के बाद छात्रों के पूरे अध्ययन होने तक फिर चाहे वह स्कूल कॉलेज हो या फिर डिप्लोमा आदि मे सभी जगह एक ही पंजीयन नंबर रहेगा। अलग अलग पंजीयन करवाने की जरूरत नहीं होगी। जानकारी अनुसार राज्य में शिक्षा सत्र 2026-27, सभी डिग्री काॅलेजों बिना किसी एबीसी और आपार आईडी के प्रवेश नहीं मिल सकेगा। विश्व विद्यालयों में इसके लिए स्वायत्ता दी जा सकती है।
















