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आप सभी को दीपावली पर्व की हार्दिक बधाई शुभकामनाऐं ।।
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रविवार 19 अक्टूबर 2025-: हमारे हिंदुस्तान भारतदेश में पर्वों का बहुत महत्व है। भारतदेश में कार्तिक मास अमावस्या तिथि को मनाई जाने वाली दीपावली त्योहार का विशेष महत्व है। दीपावली त्योहार का इंतजार बच्चे बुजुर्गों सबको रहता है। दीपावली को दीपोत्सव के नाम से भी जानते हैं। दीपावली त्योहार के समय लोग अपने घरों की साफ सफाई करते हैं, घर को सुंदर रंगो से रंगा भी जाता है। दीपावली के दिन घरों को सुंदर रंग बिरंगे दीपों, विद्युत लाइटों से सजाया जाता है। घरों में विभिन्न प्रकार के मिष्ठान पकवान आदि बनाए जाते हैं। इस दिन शाम के समय बच्चे बुजुर्ग, पूरा परिवार नये वस्त्र धारण कर श्रीगणेश, देवी लक्ष्मी, भगवान श्रीराम चंद्र जी की पूजा अर्चना वंदना करते हैं, और ईश्वर से पूरे परिवार समाज के उत्तम स्वास्थ्य, खुशहाली, धन समृद्धि की कामना करते हैं। दीपावली प्रतिवर्ष कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है। इस बार दीपावली पर्व की तारीख को लेकर लोगों के मन में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो रही है। हिंदू। पंचांग के अनुसार इस बार अमावस्या तिथि दो दिन तक रहेगी। जिसको लेकर असमंजस मे है कि दीपावली 20 या फिर 21 अक्टूबर को मनाई जायेगी। पंचांग के अनुसार इस वर्ष कार्तिक मास अमावस्या तिथि की शुरुआत सोमवार 20 अक्टूबर 2025को दोपहर में 03:44 मिनट पर होगी, और।अमावस्या तिथि का समापन मंगलवार 21 अक्टूबर 2025 को सायंकाल 05:55 मिनट पर होगा। ज्योतिर्विदों के अनुसार दीपावली का पर्व इस बार 20 अक्टूबर सोमवार 2025 को ही मनाना उचित रहेगा, क्योंकि इस दिन अमावस्या में प्रदोष व्यापिनी तिथि और निशिथ काल दोनो प्राप्त हो रहा है। दीपावली की शाम को देवी मां लक्ष्मी जी का पूजन वंदन प्रदोष काल, महानिशिथ काल में स्थिर लग्न में करना बहुत ही सही रहता है। हलाॅकि दीपावली उदया तिथि के अनुसार 21 अक्टूबर मंगलवार 2025 को होना चाहिए, किन्तु दीपावली में प्रदोष काल और महानिशिथ काल दोनों का होना बहुत महत्वपूर्ण होता है, इस हिसाब से दीपावली 20 अक्टूबर सोमवार 2025 को लक्ष्मी गणेश पूजन वंदन के लिए उचित रहेगा। 21 अक्टूबर मंगलवार 2025 को अपने व्यापार स्थल, कार्यालय आदि में दीपावली का पूजन किया जा सकता है, किन्तु लक्ष्मी पूजन एवं काली पूजन जो कि महानिशिथ काल में ही किया जाता है, वह 20 अक्टूबर सोमवार 2025 को ही उचित रहेगा। हमारे हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार महानिशिथ काल मध्यरात्रि का प्रहर होता है, जो कि देवी मां लक्ष्मी एवं देवी माता काली पूजन वंदन के लिए सबसे शुभ घड़ी होता है। इस बार महानिशिथ काल का मुहूर्त 20 अक्टूबर सोमवार2025 को रात के 11:36बजे से शुरू होकर 21 अक्टूबर मंगलवार 2025 की अर्धरात्रि में 12:27 बजे तक रहेगा। जानकारी अनुसार 20 अक्टूबर सोमवार 2025 को दीपावली पूजा के लिए दो मुहूर्त मिलेंगे, इसमें पहला शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में है, जो कि प्रदोष काल शाम 05:46 बजे से रात्रि 08:18 बजे के बीच रहेगा। इसमें वृषभ काल शाम के 07:08बजे से लेकर रात्रि 09:03बजे तक रहेगा। इस मुहूर्त मे भी माता लक्ष्मी जी के पूजन वंदन किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त लक्ष्मी पूजा के लिए विशेष शुभ मुहूर्त शाम 07:08बजे से शाम 08:18 बजे तक रहेगा यानी कि माता लक्ष्मी जी पूजन के लिए 01:11 मिनट का समय मिलेगा। दीपावली पर अन्य पूजन मुहूर्त-: गोधूली मुहूर्त- शाम 05:57 बजे से लेकर शाम 06:22बजे तक रहेगा। संध्या पूजन का मुहूर्त-: शाम 05:57बजे से रात 07:12बजे तक रहेगा। माता लक्ष्मी जी की पूजा वंदना-: पूजा शुरू करने से पूर्व पूरे घर की अच्छी तरह से साफ सफाई कर लेनी चाहिए। अपने पूजा स्थान को सुंदर रंगोली, तोरण, दीपमालाओं, फूलों आदि से सजाना चाहिए। साफ स्वच्छ लकड़ी की एक चौकी पर लाल या पीले वस्त्र बिछाकर उसमें श्रीगणेश जी एवं देवी लक्ष्मी जी की मूर्ति या कोई तस्वीर को स्थापित करें। सबसे पहले श्रीगणेश जी का ध्यान पूजन वंदन करें। ॐ गं गणतये नम: मंत्र का जाप करें। फिर देवी मां लक्ष्मी जी को पंचामृत से स्नान कराएं। रोली, चंदन, अखंडित चावल, इत्र, पुष्प आदि अर्पित करें। देवी माता लक्ष्मी जी के कोई भी एक मंत्र जो आपको आता हो, कम से कम एक सौ आठ बार जाप करें ध्यान करें। पूजा के अंत में कपूर एवं शुद्ध घी के दीपक से भगवान श्रीगणेश माता लक्ष्मी जी की आरती पूजन करें और अंत मे ईशवर से पूजा पाठ के दौरान होने वाली गलतियों त्रुटियों के लिए क्षमा याचना कर अपने घर परिवार स्वजनों के लिए उत्तम स्वास्थ्य सुख समृद्धि दीर्घायु की कामना करें। घर परिवार में प्रसाद बांटें। दीपावली पर खूब खुशियां मनाएं। आतिशबाजी पटाखे जलाते समय पर सावधानी रखें। ग्रीन पटाखों का ही प्रयोग करें। छोटे बच्चो को पटाखों से दूर रखें। स्वस्थ रहें प्रसन्न रहें ईश्वर सभी को दीर्घायु प्रदान करें।
















