
छोटी दीपावली पर बाजारों में उमड़ी भारी भीड़, मूर्तियों और दीयों की जबरदस्त बिक्री

हाटा कुशीनगर , छोटी दीपावली के अवसर पर रविवार को शहर के प्रमुख बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिली। सुबह से ही लोग खरीदारी के लिए बाजारों की ओर उमड़ने लगे और देर शाम तक यह सिलसिला जारी रहा। विशेष रूप से गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों और मिट्टी के दीयों की दुकानों पर भारी भीड़ देखी गई।
लोगों ने पारंपरिक आस्था के अनुसार भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की मूर्तियाँ खरीदीं, जिन्हें दीपावली की रात पूजन के लिए घरों में स्थापित किया जाएगा। बाजारों में विविध आकार, रंग और डिजाइन की मूर्तियाँ उपलब्ध थीं, जिनमें से मिट्टी, संगमरमर और धातु की मूर्तियाँ सबसे ज्यादा पसंद की गईं।
इसके अलावा मिट्टी के दीयों की भी खूब बिक्री हुई। छोटे-बड़े, फूलों के आकार में रंग-बिरंगे दीयों ने बाजार की शोभा बढ़ा दी। स्थानीय कुम्हारों के द्वारा बनाए गए इन दीयों को लोगों ने खुले दिल से खरीदा, जिससे पारंपरिक कारीगरों को भी अच्छा लाभ हुआ। पर्यावरण के प्रति जागरूकता के चलते इस बार लोगों ने दीयों को प्राथमिकता दी।
बाजारों में मिठाई की दुकानों, सजावटी सामान, पटाखों और कपड़ों की दुकानों पर भी ग्राहकों की भारी भीड़ देखने को मिली। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने कड़ी इंतजाम किए थे।
छोटी दीपावली की इस चहल-पहल ने त्योहार के मुख्य दिन — बड़ी दीपावली — की तैयारी की झलक पहले ही दिखा दी है। बाजारों की रौनक, लोगों का उत्साह और पारंपरिक वस्तुओं की खरीदारी इस बात का संकेत है कि लोग इस वर्ष दीपावली को पूरी श्रद्धा और उल्लास से मनाने को तैयार हैं।
इस प्रकार छोटी दीपावली ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारतीय संस्कृति में त्योहार न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।
















