
वंदेभारतलाइवटीव न्युज/ समृद्धभारत ई पेपर, नागपुर, बुधवार 29/10/2025-:
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किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी , सात बारा कोरा करने संबंधी मांग को लेकर प्रहार संगठन के नेता बच्चू कडू के अगुआई में कल मंगलवार 28 अक्टूबर को नागपुर मे किए गए आन्दोलन से नागपुर वर्धा चंद्रपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लग गया। कल किसान आन्दोलन में हजारों की संख्या में किसान शामिल हुए हुए और इस आन्दोलन मे किसान अपने साथ कई ट्रैक्टर भी लेकर पहुंचे हुए थे। किसान आन्दोलन मे कल सड़क मार्ग पर ट्रैक्टर ही ट्रैक्टर नजर आ रहे थे। किसानों के आन्दोलन के कारण नागपुर के कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। इस आन्दोलन के कारण चंद्रपुर और वर्धा मार्ग पर आने वाले वाहनो को अन्य दूसरे मार्गो पर डायवर्ट किया गया। आन्दोलन के चलते आउटर रिंग रोड को जोड़ने वाले फ्लाईओवर पर किसानों ने अपने वाहनों को बीच रास्ते मे ही खड़े कर दिए जिस कारण फ्लाईओवर मे यातायात व्यवस्था गड़बड़ा गई। 

प्रहार संगठन के के नेता बचू कडू की अगुआई मे कल मंगलवार को नागपुर मे निकले किसानों मार्च के कारण शहर के बूटीबोरी वर्धा मार्ग, बूटीबोरी नागपुर रोड तथा आउटर रिंग रोड, नागपुर अमरावती मार्ग कोढ़ाली रोड पर भी यातायात जाम लगा रहा। कल किसानों ने आन्दोलन के दौरान कई ट्रैक्टरों और बैलगाड़ियों को लेकर शामिल हुए जिससे यातायात प्रभावित हुआ और वाहनों की कतार लग गई। किसानों का आन्दोलन नागपुर वर्धा रोड होकर चल रहा था जिससे रास्ते पर यातायात पूरी तरह से ठप्प सा हो गया था। नागपुर के बूटीबोरी इलाके में आन्दोलन से लंबा जाम सा हो गया था। यातायात जाम हो जाने से ऑफिस जाने वालों और के साथ राहगीरों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी। किसान मार्च को लेकर शहर और ग्रामीण पुलिस विभाग के द्वारा पहले से तैयारी भी कई गई थी, शहर की ओर किसी भी आंदोलनकारी संगठन को नही जाने दिया गया। नागपुर मे विशेष रूप से प्रशासनिक कार्यालयों मुख्यमंत्री निवास, रविभवन परिसर मे पहले से बंदोबस्त किया गया था। अमरावती मार्ग से कोढ़ाली होते हुए वाड़ी पहुंचने वाले किसान संगठनों को वाड़ी के पास ही रोक दिया गया था। किसानो के आन्दोलन के कारण नागपुर जबलपुर, भंडारा, हैदराबाद, रायपुर चंद्रपुर तुलजापुर जाने वाले मार्ग भी इस दौरान बंद रहे। कल मंगलवार को किसानों ने बूटीबोरी से अपना आन्दोलन प्रारंभ किया दोपहर करीब बारह बजे से जाम लगने शुरू हुई आन्दोलन से कल हजारों नागरिकों बच्चे बुजुर्गों को परेशानी झेलनी पड़ी। किसान रैली का इतना ज्यादा प्रभाव रहा कि राष्ट्रीय महामार्ग पर घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। किसी भी संगठन दलों के द्वारा अपनी समस्या मांग पूरी करने के लिए आवाज उठाना उचित है। किंतु इस प्रकार सड़क जाम कर अपने ही लोगो नागरिकों को परेशान होता दैखना कहां तक सही है। जब भी कोई आन्दोलन, मार्च होता है तो सबसे पहले इसका सीधा असर शहर ग्रामीण की आमजनता को होता है रास्ता जाम हो जाने से उस समय पर कितने लोगों को तकनीक होती है इस पर कोई ध्यान नहीं देता। सड़क जाम कर अपनी मांगों को पूरा करवाना कहां उचित है। सड़क जाम हो जाने से बीमार बुजुर्ग बच्चों को इससे कितनी परेशानी होती है , इस पर ध्यान देना जरूरी होता है। आन्दोलन करना कोई बुरी बात नहीं है पर आन्दोलन से मार्च निकालनने से अपने ही लोगों को परेशानी भी हो सकती है यह भी सोच विचार कर सड़क पर आन्दोलन मार्च निकालना चाहिए।



