
विजय कुमार बंसल ब्यूरो चीफ हरिद्वार
ममता चौहान संवाददाता हरिद्वार

- 12 महीने और प्रत्येक महीने का अपनी अलग महिमा और महत्व है सनातन धर्म में सबसे महत्वपूर्ण कार्तिक मास माना जाता है क्योंकि कार्तिक के ठाकुर दामोदर कृष्ण भगवान को यह मास समर्पित है। साल के महत्वपूर्ण त्योहार इसी महीने में आते हैं और सनातन धर्म में प्रत्येक त्यौहार का एक अपना ही अलग महत्व है इतिहास है परंपरा है मान्यता है इसी कार्तिक मास के पावन पर्व पर भूपत वाला में स्थित अग्रवाल भवन में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ 28 अक्टूबर से 3 नवंबर तक किया गया है। कथा व्यास पीठ पर आसीन श्री धाम वृंदावन से पधारे परम पूज्य श्री बाल गोविंद जी महाराज महाराज के मुखारविंद से सभी भक्तजन कथा का श्रवण बड़े ही भक्ति भाव से कर रहे हैं ।श्री लेखराज हांडा जो की लुधियाना से हैं, रतनलाल खन्ना जो कि मुंबई से हैं, श्री सुशील खैतान जो कि दिल्ली से हैं, श्री महेश कुमार गोयल जो कि मुंबई से है, ऐसे ही और भी अनेक आध्यात्मिक प्रवृत्ति में लगे हुए भक्तों ने श्रीमद् भागवत कथा यज्ञ के विषय में महत्वपूर्ण चर्चा की और उन्होंने बताया कि उनके द्वारा देश के विभिन्न स्थानो पर कथा का आयोजन किया जा रहा है और वह एक माध्यम है करने वाले तो ठाकुर जी हैं बांके बिहारी जी हैं अध्यात्मिक भक्ति में भाव विभोर होते हुए उन्होंने बताया कि हरिद्वार में यह उनकी जो कथा है उनके द्वारा कराई गई कथाओं में छठी कथा है इससे पहले वह पांच कथा देश के विभिन्न स्थानों पर करवा चुके हैं जिसमें अयोध्या ,वृंदावन आदि शामिल है उन्होंने कहा कि प्रभु की भक्ति में लगने के बाद उनके जीवन में बहुत महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए। सकारात्मक ऊर्जा का जीवन में उद्गम हुआ है और कुछ नया और अलग करने की प्रेरणा मिली है और कहा सभी को प्रभु भक्ति मे लगना चाहिए जिससे उनका जीवन कठिनाइयों से दूर होकर सफल और सकारात्मक जीवन शैली से परिपूर्ण हो सके ।













