
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्ट लखनऊ।
संवाददाता। उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष अप्रैल-मई तक होने वाले पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी सामने आई है। राज्य निर्वाचन आयोग के एआई टूल्स और सॉफ्टवेयर जांच में पता चला है कि 90.76 लाख मतदाताओं के नाम एक से अधिक बार दर्ज हैं, जिससे सूची में 2.27 करोड़ डुप्लीकेट वोटरों की प्रविष्टियां मिली हैं।

आयोग ने दो महीने पहले ही सभी जिलों को इन डुप्लीकेट मतदाताओं की जांच कर नाम हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक केवल 13.28 लाख मतदाताओं की ही जांच हो सकी है, जिनमें से 1.63 लाख नाम हटाए गए हैं। यानी महज छह प्रतिशत जांच पूरी हो पाई है।
राज्य निर्वाचन आयोग की इस धीमी कार्यशैली पर अब सरकार ने भी सख्त रुख अपनाया है। पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “चुनाव समय पर कराने के लिए जिलाधिकारी जांच की रफ्तार बढ़ाएं, लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो अधिकारी टालमटोल कर रहे हैं, उनकी जवाबदेही तय की जाएगी।”
राज्य में पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में फिलहाल 12.43 करोड़ मतदाता दर्ज हैं। इनमें एआई विश्लेषण के जरिए पाई गई गड़बड़ियों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
सूत्रों के मुताबिक, मतदाता सूची में सुधार कार्य में कई जिलों में बेहद धीमी गति या शून्य प्रगति है। बलरामपुर, सीतापुर, बलिया, आजमगढ़, गोंडा, कौशांबी, मऊ, महाराजगंज, चंदौली, मुरादाबाद, प्रयागराज और देवरिया जैसे जिलों में अब तक जांच शुरू ही नहीं हो पाई है। इन जिलों को आयोग की ओर से लापरवाही पर चेतावनी दी गई है।
अभी भी 2.14 करोड़ डुप्लीकेट वोटरों की जांच बाकी
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दो महीनों में हर जिले को जांच पूरी कर अंतिम मतदाता सूची तैयार करनी होगी, ताकि चुनाव प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके। यदि जांच की रफ्तार नहीं बढ़ी तो पंचायत चुनाव कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है।
> मुख्य बिंदु:
यूपी में पंचायत चुनाव अप्रैल-मई 2026 तक प्रस्तावित
90.76 लाख मतदाताओं के नाम दोहराए गए
2.27 करोड़ डुप्लीकेट प्रविष्टियां दर्ज
अब तक सिर्फ 6% जांच पूरी
कई जिलों में जांच कार्य शुरू भी नहीं
रिपोर्ट: वंदे भारत लाइव टीवी, लखनऊ











