उत्तर प्रदेशA2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेलखीमपुर खीरी

दलेल नगर के चकवा बाजार का तालाब जिसका नहीं है कोई पुरसाहाल अतिक्रमण का शिकार होता तालाब

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के अंतर्गत दलेल नगर में चकवा बाजार का तालाब आज अपनी बदहाली पर रो रहा है जिसका नहीं दे रहा कोई ध्यान

बेकिंग न्यूज

जिला लखीमपुर खीरी ब्लाक फूलबेहड़ क्षेत्र दलेलनगर पोस्ट कंचनपुर चकवा बाजार में तालाब गन्दगी व उपेक्षा के कारण अस्तित्व बचाने के कारण जूझ रहा तालाब

रखरखाव कमी के कारण दलेलनगर चकवा बाजार में तालाब व मन्दिर की स्थिति बिगड़ रही है स्थानीय लोग चिंता व्यक्त कर रहे हैं कि अगर समय पर सफाई और संरक्षण नहीं किया गया तो तालाब लगभग खत्म हो जाएंगे विशेषज्ञों का कहना है कि ये जल स्षोत की कमी से तालाब का स्वरूप धीरे-धीरे खत्म होता चला गया और तालाब का जो थोड़ा बहुत हिस्सा बचा हुआ है वह भी उपेक्षा का शिकार है वहां पानी के बजाय घास फूस और झाड़ियां दिखाई देती हैं बरसात के मौसम में कुछ दिनों के लिए पानी जरूर जमा हो जाता है लेकिन साफ सफाई और रखरखाव के अभाव में वह जल्द ही गंदगी में बदल जाता है स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते तालाब की सफाई और संरक्षण का काम शुरु किया जाता तो आज तालाब व मन्दिर की स्थिति इतनी खराब नहीं होती लेकिन वर्षों से ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत मित्र की ओर से कोई ठोस पहन नहीं होने के कारण या तालाब लगभग खत्म होने के कारण पहुंच गया है तालाब पर अतिक्रमण के मुद्दे पर स्थानीय लोग खुलकर बोलने से भी कतराते हैं उनका कहना है कि इस मामले में आवाज उठाने से विवाद और झगड़े की स्थिति बना सकती है कई लोग इस कारण चुप्पी साधे रहते हैं स्थानीय निवासियों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि कई बार आवाज उठाने की कोशिश की गई तो गांव के कुछ लोगों ने आवाज दबाने की कोशिश की गई और विवाद की आशंका के कारण पीछे हट जाते हैं उनका कहना है कि अगर प्रशासन खुद पहन कर तो तालाब को बचाया जा सकता है विशेषज्ञों का मानना है कि शहरों मैं तालाब और अन्य जल स्रोत केवल पानी का स्रोत नहीं होते बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं ये जल स्रोत भू जल स्तर को बनाए रखना तापमान को नियंत्रित करने और जल निकासी की प्रकृति व्यवस्था को सुचारू रखने में मदद करते हैं चकवा बाजार जैसे कभी तालाबो के लिए प्रसिद्ध था वही आईने के स्रोतों का खत्म होना पर्यावरण के लिए गंभीर खतरे का संकेत माना जा रहा है यदि गंदगी का लबों में घास फूस हुआ झाड़ियां इसी तरह स्थित रहे तो आने वाले समय में प्रसिद्ध तालाब खत्म हो जाएंगे और समस्याएं बढ़ सकती हैं

Back to top button
error: Content is protected !!