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बकरीद पर्व नजदीक आते ही भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र के कोल्हुई का साप्ताहिक बाजार पूरी तरह गुलजार

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कोल्हुई/ महराजगंज

महराजगंज। बकरीद पर्व नजदीक आते ही भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र के कोल्हुई का साप्ताहिक बाजार पूरी तरह गुलजार हो उठा है। शुक्रवार को लगने वाले इस बाजार में हजारों की भीड़ उमड़ी, जहां लोग कुर्बानी के लिए बकरों की खरीदारी करते नजर आए। कोई अपने बकरे को बेचने पहुंचा, तो कोई बेहतर नस्ल और ऊंची कीमत वाले बकरे की तलाश में बाजार में घूमता दिखा।
कोल्हुई बाजार की खासियत यह है कि यहां हर शुक्रवार को दो चरणों में बाजार लगता है। पहला बाजार भोर करीब 4 बजे से सुबह 8 बजे तक चलता है, जिसमें बकरे, भेड़, मुर्गे और बत्तखों की खरीद-फरोख्त होती है। जहां आसपास के जिलों और नेपाल से आए व्यापारी एवं खरीदारों की भारी भीड़ रहती है।
इसके बाद दोपहर से लेकर देर शाम तक पूरा बाजार सजता है,
स्थानीय लोगों के अनुसार इस बार बकरीद को लेकर बाजार में जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। फतेहगढ़, बाराबंकी, गोंडा, गोरखपुर, आजमगढ़, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बस्ती, देवरिया समेत पड़ोसी देश नेपाल से भी व्यापारी और ग्राहक यहां पहुंच रहे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि पिछले सप्ताह और इस शुक्रवार के बाजार में 40 हजार से लेकर 80 हजार रुपये तक के बकरे बिक चुके हैं। अच्छी नस्ल, ऊंचे कद और भारी वजन वाले बकरों की मांग सबसे ज्यादा है।
भोर होते ही बाजार में मोलभाव शुरू हो गया। कहीं खरीदार बकरे के दांत और वजन देखकर कीमत तय कर रहे थे तो कहीं व्यापारी अपने बकरे की खूबियां गिनाते नजर आए। पूरे बाजार में लोगों की चहल-पहल और । खरीदारों की भीड़ ने बकरीद के उत्साह को और बढ़ा दिया।
कोल्हुई कस्बे का यह साप्ताहिक बाजार अब सिर्फ स्थानीय व्यापार का केंद्र नहीं, बल्कि पूर्वांचल और नेपाल के व्यापारियों के लिए भी बड़ा पशु बाजार बनता जा रहा है, जहां हर शुक्रवार हजारों लोगों की मौजूदगी बाजार की रौनक को और खास बना देती है।

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