

कैमूर में रोजगार योजनाओं को मिली रफ्तार, विशेष कैंप में करोड़ों के ऋण स्वीकृत व वितरित
उद्योग विभाग की पहल से युवाओं और उद्यमियों को राहत, बैंकों को त्वरित भुगतान के निर्देश
भभुआ/कैमूर: जिले में स्वरोजगार और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला उद्योग केंद्र, कैमूर (भभुआ) में शुक्रवार को विशेष ऋण स्वीकृति एवं वितरण शिविर का आयोजन किया गया। महाप्रबंधक की अध्यक्षता में आयोजित इस कैंप में उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत लंबित ऋण मामलों की समीक्षा करते हुए त्वरित निष्पादन पर जोर दिया गया।
इस दौरान प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) तथा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत लाभुकों को ऋण वितरण और स्वीकृति की प्रक्रिया को गति देने पर विशेष चर्चा हुई।
बैठक में जिला अग्रणी प्रबंधक (LDM), विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक, उद्योग विस्तार पदाधिकारी एवं जिला संसाधन सेवी सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
PMEGP योजना के तहत लाखों का ऋण वितरित
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत बिहार ग्रामीण बैंक द्वारा ₹10 लाख का एक ऋण तथा पंजाब नेशनल बैंक द्वारा ₹27.50 लाख के छह ऋणों का सफल भुगतान किया गया।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत अब तक कुल 33 ऋणों का भुगतान किया जा चुका है।
हालांकि समीक्षा के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने जानकारी दी कि नया कोड जेनरेट नहीं होने के कारण फिलहाल PMEGP के नए ऋण खातों के संचालन में तकनीकी बाधा बनी हुई है।
PMFME योजना में भी बढ़ी प्रगति
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत ग्रामीण बैंक रामगढ़ शाखा द्वारा एक तथा बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा चार ऋण आवेदनों का भुगतान किया गया।
इस योजना में अब तक कुल 84 लाभुकों को भुगतान का लाभ मिल चुका है।
बैठक में यह भी बताया गया कि PMFME पोर्टल में तकनीकी खराबी के कारण डिस्बर्समेंट लेटर अपलोड करने में परेशानी आ रही है।
विश्वकर्मा योजना में 228 लाभुकों को मिला भुगतान
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 255 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 228 लाभुकों को सफलतापूर्वक भुगतान किया जा चुका है।
बैठक के अंत में महाप्रबंधक ने सभी बैंक अधिकारियों और समन्वयकों को निर्देश दिया कि स्वीकृत ऋण आवेदनों का भुगतान बिना किसी अनावश्यक देरी के शीघ्र सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक युवाओं और उद्यमियों को योजनाओं का लाभ मिल सके।
कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट









