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*दहेज उत्पीड़न के मामले में पढ़ुआ पुलिस की त्वरित कार्रवाई, नामजद पति गिरफ्तार

लखीमपुर खीरी। थाना पढ़ुआ पुलिस ने दहेज उत्पीड़न के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस के अनुसार मामले की विवेचना जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी पीड़िता रुचि मौर्य ने पुलिस को दिए गए बयान में आरोप लगाया है कि उनकी शादी 2 मार्च 2023 को ग्राम मोहबतिया बेहड़ निवासी अजय मौर्य के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। उनके पिता जगीदत्त ने अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार दान-दहेज दिया था, लेकिन शादी के बाद ससुराल पक्ष मोटरसाइकिल और सोने की चेन की मांग करने लगा। मांग पूरी न होने पर उनके साथ मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया गया है पीड़िता ने अपने पति अजय मौर्य, ससुर सीताराम, सास सीता देवी तथा देवर प्रांजल के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि परिवार के एक अन्य सदस्य ने कभी उनके साथ दुर्व्यवहार नहीं किया, इसलिए उसका नाम शिकायत में शामिल नहीं कराया गया पीड़िता के अनुसार 13 जून 2026 को उन्होंने थाना प्रभारी निरीक्षक मोहित पुण्डिर को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल मेडिकल परीक्षण कराते हुए मुकदमा अपराध संख्या 0333/2026 दर्ज किया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85, 115(2), 352, 351(3) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3 एवं 4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया थाना प्रभारी निरीक्षक मोहित पुण्डिर ने बताया कि महिलाओं के विरुद्ध किसी भी प्रकार के अपराध को गंभीरता से लिया जाता है। शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई की गई और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई जारी है मामले में पढ़ुआ पुलिस के कांस्टेबल संदीप मौर्य एवं एक होमगार्ड ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी अजय मौर्य को गिरफ्तार कर उपजिलाधिकारी न्यायालय के समक्ष पेश किय एफआईआर दर्ज होने के अगले दिन 14 जून को उपनिरीक्षक बसंत लाल एवं उपनिरीक्षक दधिवीर सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर गवाहों के बयान दर्ज किए तथा आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। विवेचना के दौरान मौके की जीपीएस आधारित उपस्थिति भी पत्रावली में दर्ज की गई है पीड़िता ने बताया कि उनका चार माह का पुत्र भी है, जो इस पूरे विवाद से प्रभावित हुआ है। पुलिस का कहना है कि विवेचना में पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों को शामिल किया जा रहा है। विवेचना पूर्ण होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

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