पीलीभीत – प्रदेश मे बिजली बिल माफ़ी योजना को प्रदेश सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों ने उपहास का कारण बना दिया है। मीटर रीडर अब जानबूझकर रीडिंग लेने में हेराफेरी कर रहे हैं। यह ठीक उसी तरह चल रहा है जैसे कि विगत में EVM से छेड़छाड़ कर इच्छित परिणाम पाये जाते रहे हैं। प्राप्त विवरण के अनुसार पौटा कलाँ (पीलीभीत) निवासी एडवोकेट योगेन्द्र कुमार शर्मा ने वन्दे भारत को अपना गत माह और वर्तमान बिजली बिल दिखाते हुये बताया कि उनके घर के बिजली का औसतन उपभोग 100 यूनिट के आसपास ही होता रहा है। गत माह की उपभुक्त बिजली भी 113 यूनिट ही आई है। वे अपने द्वारा उपभुक्त बिजली बिल्स का भुगतान हर माह करते आ रहे हैं। जुलाई माह के निःसृत बिजली बिल उपभुक्त बिजली 554 यूनिट दर्शा रहा है। उन्होंने जब इस बिल का अवलोकन किया तो ज्ञात हुआ कि इस बिल में बिगत माह जून में उपभुक्त 113 यूनिट भी समाहित हैं, जिसका भुगतान उन्होंने मीटर रीडर के कहने पर रोक दिया था। तुलनात्मक दृष्टि से देखा जाये तो भी दोनों माह में उपभुक्त बिजली भी 250 यूनिट से कम ही होनी चाहिये पर यह तो उससे भी कहीं अधिक है। लगता है बिजली विभाग बिजली माफी की योजना को धूल चटाने के उद्देश्य से खेल खेल रहा है। बन्द करे सरकार बिजली माफी का ढोंग करना। यह भारत देश की प्रबुध्द जनता है,कोई चुनावी रैली नहीं ; जहाँ ढोंगियों का झूठा प्रवचन चलता रहता है।