

दुमका-हंसडीहा मुख्य मार्ग पर हंसडीहा थाना क्षेत्र अंतर्गत चंद्रदीप पेट्रोल पंप के समीप बीते मंगलवार की रात करीब 11:45 बजे एक गिट्टी लदे हाइवा वाहन के द्वारा उसके आगे चल रहे हाइवा को पीछे से टक्कर मार दी इस टक्कर में उपचालक घायल हो गया, जबकि चालक बाल-बाल बच गया। हादसा तब हुआ जब एक तेज़ रफ्तार हाइवा (पंजीयन संख्या – JH 15 Z 8186), जो शिकारीपाड़ा से गिट्टी लेकर बाँका की ओर जा रहा था, दुर्घटनाग्रस्त वाहन में गिट्टी खुले में लदी थी। ना कोई ढकाव, ना कोई सुरक्षा। न त्रिपाल डाली गई थी, और ना ही गिट्टी को समेटने की कोई सावधानी बरती गई थी, जिसके चलते वाहन चलते-चलते सड़क पर जगह-जगह गिट्टी बिखेर रहा था। इस लापरवाही ने सड़क पर अन्य वाहनों के लिए भी खतरा पैदा कर दिया था।
इस टक्कर में घायल उपचालक की पहचान बाँका जिले के सतभैया निवासी दिनेश यादव के रूप में हुई है। हादसे के बाद कंपनी के वाहन से ही उसे तत्काल बौंसी स्थित अस्पताल भेजा गया, जहां वह उपचाराधीन है। वहीं, दुर्घटनाग्रस्त हाइवा का चालक उमेश यादव बाल-बाल बच गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पीछे से टक्कर मारने वाले हाइवा का चालक शराब के नशे में धुत था और बेकाबू गति में वाहन चला रहा था। घटना के बाद जब लोगों ने चालक से गिट्टी का चालान मांगा, तो वह टालमटोल करने लगा। सड़क पर बिखरे कागज़ों में जो चालान मिला, उसकी तारीख 11 जुलाई 2025 थी और वैधता केवल 12 जुलाई तक थी जबकि हादसा 15 जुलाई की रात हुआ। इससे यह संदेह और गहराता है कि कहीं गिट्टी की ढुलाई अवैध तो नहीं थी। अब सवाल यहाँ यह उठता है की क्या चालक पुराना चालान दिखाकर वर्तमान में खनन कर गिट्टी की ढुलाई कर रहा था। या यह पूरा गिट्टी लोड ही बिना वैध परमिट के लाया जा रहा था। वैसे भी, गिट्टी का यह अवैध खेल अब कोई रहस्य नहीं रहा। ये खुला रहस्य बनकर सड़कों पर दौड़ता रहता है, जब तक कि कोई हादसा उसकी पोल न खोल दे। हादसे की जानकारी मिलते ही हंसडीहा थाना के पुलिस पदाधिकारी लालदेव उरांव मौके पर पहुंचे और दुर्घटनाग्रस्त हाइवा को जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। यह हादसा एक बार फिर उन तमाम मुद्दों को सामने लाता है जिन्हें हम अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं
भारी वाहनों की अनियंत्रित गति
शराब के नशे में वाहन चलाना
बिना त्रिपाल लदे ओवरलोडेड ट्रक और अवैध खनन में इस्तेमाल हो रहे बैक डेट चालान
अब देखना यह है कि जांच के बाद कौन-सी सच्चाई सामने आती है, और क्या प्रशासन इस मामले में कोई सख्त कदम उठाता है या यह हादसा भी सिर्फ एक “अंक” बनकर फाइलों में सिमट जाएगा।






