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पुलिया निर्माण में लापरवाही से महिला किसान की भूमि व कुएँ पर खतरा, प्राकृतिक बहाव बदला—SDM को की शिकायत

 

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धार जिला ब्युरो गोपाल मारु की रिपोर्ट।

धार। नागदा–बरमंडल मार्ग के अंतर्गत ग्राम चिराखान के पूर्व में करीब 800 फीट दूरी पर भेरूजी मंदिर वाले नाले पर बन रही पुलिया में निर्माण एजेंसी की लापरवाही सामने आई है। पुलिया को प्राकृतिक पानी के बहाव से लगभग 30 फीट अलग बनाये जाने और खेत की 5 फीट ऊँची तथा करीब 35 फीट लंबी मेड़ को खोदने से महिला किसान मगनबाई पति स्व. जगदीश की भूमि सर्वे नंबर 152/489 पर बड़ा खतरा पैदा हो गया है। खेत में स्थित कुएँ में बारिश का पानी सीधे घुसने की संभावना बन गई है, जिससे भविष्य में कुएँ के क्षतिग्रस्त होने और फसल बर्बाद होने का अंदेशा है।महिला किसान के पुत्र गोपाल ने बताया कि उन्होंने कई बार रोड निर्माण एजेंसी और ठेकेदार को पुलिया का संरेखण (अलाइनमेंट) सही करने व मेड़ न तोड़ने की बात कही, लेकिन ठेकेदार ने उनकी एक भी नहीं सुनी। उल्टा, खेत की 5 फीट ऊँची और लगभग 20 फीट चौड़ी मेड़ के मुरम-मिट्टी को खोदकर रोड लेवल बनाने और पुलिया के नीचे भराव के रूप में उपयोग कर लिया गया।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया को तकनीकी मानकों और पानी के प्राकृतिक बहाव के अनुरूप तिरछा बनाया जाना चाहिए था, ताकि नाले का पानी सीधे खेत में प्रवेश न करे। लेकिन पुलिया को सीधा बनाकर प्राकृतिक दिशा को बदल दिया गया है, जिससे बारिश के दौरान खेत में पानी का सीधा प्रवेश होगा और भारी नुकसान की आशंका है।किसान परिवार ने दोबारा अपनी समस्या को लेकर बदनावर SDM प्रियंका मिमरोड को लिखित शिकायत सौंपी है और मांग की है कि निर्माण एजेंसी की तकनीकी लापरवाही की जांच कर उचित सुधार कार्य तत्काल कराया जाए। ग्रामीणों ने भी कहा कि अगर समय रहते सुधार नहीं हुआ तो बरसात में नुकसान की भरपाई संभव नहीं होगी।यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण के दौरान हो रही तकनीकी अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़ा करता है, जिसे तत्काल दुरुस्त करना आवश्यक है।

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