

चित्रकूट 12 जुलाई 2024
*बगैर डिग्री डॉक्टर के फल फूल रहे मौत बांटने वाले फर्जी हॉस्पिटल*
*न डिग्री, न पंजीकरण, धड़ल्ले से चल रहे अस्पताल*
*अधिकारियों की मिलीभगत से मरीजों की जान से हो रहा खिलवाड़
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ जिला हेड चित्रकूट शिवसंपत करवरिया
*जनपद चित्रकूट में आए दिन लापरवाही डॉक्टर एवं विभाग के कारण बच्चों एवं नौजवानों की मृत्यु होती जा रही है अखबार एवं सोशल मीडिया में स्वास्थ्य विभाग के लापरवाही के खूब हो रही हैं चर्चा*

चित्रकूट। प्रदेश सरकार मरीजों को सुविधा देने के लिए जहां सख्ती कर रही है, वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से बिना रजिस्ट्रेशन धड़ल्ले से अस्पताल चल रहे हैं। यहीं वजह है कि जिले में फर्जी अस्पतालों का अवैध धंधा फलफूल रहा है। कुछ का पंजीकरण क्लीनिक के नाम पर है तो कुछ बगैर पंजीकरण के ही चल रहे हैं और सभी जगह ओपीडी के साथ प्रसव भी कराए जाते हैं। इन अस्पताल के बोर्डों पर एमबीबीएस डॉक्टरों के नाम तो अंकित हैं, लेकिन मरीजों का इलाज झोलाछाप ही करते हैं। राजापुर,कर्वी ,मऊ,मनिकपुर, शिवरामपुर ,पहाड़ी क्षेत्र में धड़ल्ले संचालित हो रहे हैं। जिन पर स्वास्थ्य विभाग के छत्रछाया पर फल फूल रहे बिना रजिस्ट्रेशन फर्जी हॉस्पिटल एवं क्लिनिक।

वहीं सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार आपको बता दें की डिग्री किसी और की लगाई गई है,इन अस्पतालों में जबकि संचालन झोलाछाप डॉक्टर इन कुछ अस्पतालों में कर रहे हैं ।सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसे मौत को दावत देने वाले फर्जी हॉस्पिटल एवं क्लिनिको में कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है..? आखिर किसके इशारे पर यह संचालित हो रहे हैं …? कौन है इन सब का मास्टरमाइंड जो फर्जी चल रहे अस्पतालों पर कार्यवाही होने से बचा रहा है…? आखिर क्यों मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं …?
क्या किसी हादसा होने का इन्हें इंतजार है…? आखिर क्यों नहीं हो रही इन फर्जी अस्पतालों/ क्लिनिको पर कार्यवाही …? यह सबसे बड़ा सवाल जनता के जिह्न में है और यह प्रश्न एक यक्ष प्रश्न बना हुआ है.. इतना ही नहीं अवैध क्लिनिक संचालकों के द्वारा प्रतिबंधित दवाएं भी धड़ल्ले के साथ दी जाती है।
पहाड़ी ब्लॉक अंतर्गत नांदी ग्राम पंचायत में बकटा रोड़ के पास नांदी हनुमान जी मंदिर मोड़ के पहले लगभग एक वर्ष से संचालित क्लीनिक अंकित सिंह हैं जिनका कहना है कि गांव में रजिस्ट्रेशन की क्या जरूरत है। और मंझनपुर कौशांबी से चित्रकूट में अवैध क्लिनिक बेधड़क चला रहे हैं। और ऐसे ही अवैध क्लिनिक नांदी ग्राम पंचायत में लगभग आधा दर्जन सालों साल से संचालित है। और आज दिन तक किसी के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। आखिरकार मुख्य चिकित्सा अधिकारी और ड्रग्स इंस्पेक्टर आखिरकार जिला मुख्यालय से लेकर कस्बे व गांव गांव जो अवैध क्लिनिक खुले हुए हैं उन पर कार्यवाही क्यों नहीं करते हैं। क्या जिम्मेदारों द्वारा ही जनपद चित्रकूट की जनता को काल के मुंह में ढकेलने का काम किया जा रहा है।
इस संदर्भ में जब मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ भूपेश द्विवेदी से बात की गई तों उनके द्वारा कारवाई करने की बात कही गई।

