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*किसान सहकारी चीनी मिल सम्पूर्णानगर क्षेत्र के अंतर्गत खीरी – पीलीभीत परिक्षेत्र में 36 सौ हेक्टेयर गन्ने की फसल हुई नष्ट,चीनी उत्पादन पर पड़ेगा इसका असर* *रिपोर्टर – रणजीत सिंह भिंडर* हजारा, पीलीभीत । किसान सहकारी चीनी मिल सम्पूर्णानगर खीरी के मुख्य गन्ना अधिकारी उदयभान सिंह ने हमें बताया कि बाढ़ आने से खीरी – पीलीभीत परिक्षेत्र में लगभग नौ से दस हजार हेक्टेयर गन्ने की फसल प्रभावित हुई है। जिसमें लगभग पैंतीस सौ से छत्तीस सौ हेक्टेयर गन्ने की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। जिसका सीधा असर चीनी मिल के आगामी पेराई सत्र पर पड़ेगा। लखीमपुर खीरी जनपद में स्थापित किसान सहकारी चीनी मिल सम्पूर्णानगर खीरी के अंतर्गत खीरी – पीलीभीत परिक्षेत्र के गन्ना किसानों ने पहले सूखे की मार झेली थी। वहीं दूसरी ओर मानसून की दस्तक देने के साथ ही अच्छी बारिश हुई। जिससे गन्ना किसानों को उम्मीद थी कि इस बार गन्ने की पैदावार अधिक होगी। लेकिन तीन से चार दिन तक लगातार बारिश होने कारण अचानक आई बाढ़ से गन्ना किसानों की उम्मीदों पर भी पानी फिर गया। और गन्ना किसानों का गन्ना बाढ़ की भेंट चढ़ गया है। किसान सहकारी चीनी मिल सम्पूर्णानगर खीरी के मुख्य गन्ना अधिकारी उदयभान सिंह ने हमें जानकारी देते हुए बताया कि इस बार मानसून आने के साथ ही अच्छी बारिश होने के कारण शुरुआत में ही बाढ़ आ गई थी। इस दौरान हमारे गन्ना विभाग के पर्यवेक्षकों द्वारा नष्ट हुए गन्ने के खेतों का स्थलीय सर्वे कर हुए नुकसान का आकलन किया गया था। जिसमें खीरी और पीलीभीत परिक्षेत्र में लगभग नौ से दस हजार हेक्टेयर खेतों में लगी गन्ने की फसल प्रभावित हुई थी। जिसमें से लगभग चालीस से पैंतालीस गांवों की पैंतीस सौ से छत्तीस सौ हेक्टेयर गन्ने की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। इस आगामी पेराई सत्र में चीनी मिल को पिछले पेराई सत्र की तुलना में लगभग दस से पन्द्रह लाख कुंतल गन्ना कम आपूर्ति होने की आशंका है । इसका सीधा असर चीनी मिल के आगामी पेराई सत्र 2024 – 25 पर पड़ेगा।आगे उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में गन्ने का उत्पादन कम तो होता ही है साथ

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