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दिल्ली के 400 स्कूलों में बम ब्लास्ट की धमकी देने वाला बच्चा गिरफ्तार, जानें संसद हमले के आरोपी अफजल गुरु से कनेक्‍शन..

दिल्ली के 400 स्कूलों को बम की फर्जी धमकी देने वाले 12वीं के छात्र को पकड़ा गया। जांच में उसके पिता के एनजीओ का आतंकी अफजल गुरु और एक राजनीतिक पार्टी से संबंध मिला। पुलिस ने डार्क वेब और वीपीएन का पता लगाया। मामला फिलहाल जांच में है।

नई दिल्ली: दिल्ली के करीब 400 स्कूलों को ईमेल और कॉल के जरिए बम से उड़ाने की धमकियां दी गईं। हर बार स्कूलों में अफरातफरी मच जाती थी, पढ़ाई रोकनी पड़ती, और बच्चों को घर भेजना पड़ता। तलाशी के बाद भी कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली। पुलिस ने जांच शुरू की और 12वीं के एक छात्र को हिरासत में लिया।

छात्र के लैपटॉप से मिले सुराग
पुलिस ने बताया कि 8 जनवरी 2025 को भेजी गई आखिरी धमकी से एक बड़ा सुराग मिला। जब छात्र के लैपटॉप की फॉरेंसिक जांच की गई, तो पता चला कि 400 से ज्यादा ईमेल उसी से भेजे गए थे। पूछताछ में छात्र ने बताया कि वह एग्जाम नहीं देना चाहता था, इसलिए यह हरकत की।

पिता का एनजीओ से कनेक्शन
छात्र के पिता एक एनजीओ से जुड़े हैं, जिसने कभी आतंकी अफजल गुरु की फांसी का विरोध किया था। पुलिस की जांच में इस एनजीओ का एक राजनीतिक पार्टी से संबंध भी सामने आया है। पुलिस को शक है कि इस फर्जी धमकी के पीछे सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं।
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तहकीकात जारी
पुलिस ने बताया कि ईमेल भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए ब्राउज़र की जांच जारी है। इससे जुड़े और भी सुराग मिलने की उम्मीद है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरी साजिश का असली मास्टरमाइंड कौन है।

एक बच्चा अकेला ऐसा नहीं कर सकता
स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर ने कहा कि जांच अभी शुरुआती दौर में है। 12 फरवरी 2024 से ही धमकी भरे मेल आ रहे थे, जिनके कारण कई बार एग्जाम भी रद्द करने पड़े। जब जनवरी 2025 में आखिरी मेल आया, तब पुलिस ने उस बच्चे को पकड़ा। लेकिन पुलिस को यकीन नहीं कि एक बच्चा अकेला ऐसा कर सकता है।

बड़े पैमाने पर जांच
दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी मधुर तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि धमकी भरे ईमेल भेजने के लिए डार्क वेब और वीपीएन का इस्तेमाल हुआ। जांच में कई स्कूलों के नाम सामने आए, जहां फर्जी धमकियां दी गईं। पुलिस अब इस एनजीओ और राजनीतिक पार्टी के कनेक्शन को खंगाल रही है।

बीजेपी और आप के बीच सियासी जंग

पुलिस के खुलासे के बाद बीजेपी ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। बीजेपी ने आरोप लगाया कि इस एनजीओ का आप सरकार से कनेक्शन है। वहीं, आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को साजिश बताया और कहा कि बीजेपी जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

किन स्कूलों को मिली धमकी
9 दिसंबर 2024 को 44 स्कूलों को ईमेल के जरिए धमकियां दी गईं। इनमें मदर मैरी स्कूल, ब्रिटिश स्कूल, और सलवान पब्लिक स्कूल शामिल थे। 13 दिसंबर को पश्चिम विहार, डीपीएस, और सफदरजंग के कई स्कूलों में धमकियां मिलीं। 8 जनवरी 2025 को वसंत विहार और आरके पुरम के स्कूलों को भी धमकी दी गई, लेकिन जांच कुछ नहीं मिला था।
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पुलिस को है ये संदेह
पुलिस ने संदेह जताया है कि कहीं किसी ने माहौल खराब करने के इरादे से बच्चे से ईमेल तो नहीं करवाए। शुरुआती जांच में यह पता चला है कि 250 स्कूलों को भेजे गए मेल के पीछे भी यही बच्चा जिम्मेदार है।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं जानबूझकर कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की साजिश के तहत बच्चे का इस्तेमाल तो नहीं किया गया है। इसके अलावा, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले में एनजीओ की कोई भूमिका है।

बता दें, कि शक इसलिए बढ़ा है क्योंकि बच्चा ऐसे तकनीकी शब्दों का उपयोग कर रहा था, जो आमतौर पर किसी ट्रैन्ड या चालाक व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किए जाते हैं। इस आधार पर पुलिस को उसके पीछे किसी और के शामिल होने का संदेह है।

बीजेपी ने आम आदमी पार्टी पर लगाए गंभीर आरोप
उधर, इस मामले को लेकर बीजेपी ने आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि आप बताए कि इस एनजीओ से आम आदमी पार्टी के क्या संबंध है। अगर आप ने आरोपों का जवाब नहीं दिया तो इस संदेह होगा।

AAP को इन आरोपों का जवाब देना चाहिए
वहीं, वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि हम शाहीन बाग और दिल्ली के दंगे नहीं भूले हैं। बीजेपी ने कहा कि आपदा से दिल्ली को मुक्ति मिलना जरूरी है। बीजेपी की ओर से कहा गया कि दिल्ली में चुनाव से पहले दंगे की साजिश रची जा रही है।

राजनीतिक कनेक्शन और जांच

स्पेशल सीपी ने आगे बताया कि इस बच्चे के पिता का NGO एक राजनीतिक पार्टी का समर्थक रहा है और यह संगठन अफजल गुरु की फांसी के खिलाफ था। पुलिस यह जांच कर रही है कि कहीं इस मामले में किसी राजनीतिक दल का हाथ तो नहीं है, जो इस NGO के माध्यम से दिल्ली में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा हो।

बच्चे तक कैसे पहुंची दिल्ली पुलिस?
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सीपी मधुप तिवारी ने बताया कि 8 जनवरी 2025 को जो लास्ट ईमेल आई थी, इसी मेल्स से हम भेजने वाले बच्चे की पहचान कर पाए। बच्चे के लैपटॉप की फोरेंसिक जांच से पता चला कि बच्चे ने 400 से ज्यादा इमेल्स भेजी थीं। हमें शक हो रहा था कि एक बच्चा ये कैसे कर सकता है। इसलिए हमने आगे की जांच शुरू की। जांच में पता चला कि बच्चे के पिता एक NGO से जुड़े हैं, ये NGO एक पॉलिटिकल पार्टी के लिए काम करता है।

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अफजल गुरु की फांसी कर रहा था एनजीओ
पुलिस जांच में पता चला कि ये वही NGO है जो अफजल गुरु की फांसी का विरोध कर रहा था। हम NGO की भूमिका से इस धमकी भरे मेल्स के मामले में जांच कर रहे हैं। मधुप तिवारी ने बताया कि पॉलिटिकल पार्टी और NGO के संबंधों के बारे में जांच कर रहे हैं। हम इस मामले में बड़ी साजिश की जांच कर रहे हैं। कई बार जब मेल भेजे गए तब स्कूल में एग्जाम नहीं थे, इसलिए मोटिव की जांच हम अभी कर रहे हैं।

आगे की जांच और संभावित साजिश

पुलिस का मानना है कि सिर्फ स्कूलों में छुट्टियाँ करवाने का उद्देश्य नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे एक बड़ी साजिश हो सकती है। इस मामले की गहन जांच की जा रही है, और साथ ही एयरलाइंस और सोशल मीडिया के जरिए मिल रही धमकियों की भी जांच जारी है। जांच अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन पुलिस इस बात की पूरी कोशिश कर रही है कि जल्द से जल्द मामले का समाधान किया जाए।

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Vishal Leel

Sr Media person & Digital Creator
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