
खैरथल
(प्रमोद केवलानी) ब्रह्मनिष्ठ महायोगी परमसंत स्वामी लीलाशाह जी महाराज का 145वां जन्मोत्सव 24 मार्च को स्वामी लीलाशाह कुटिया वल्लभग्राम पर धूमधाम से मनाया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर स्वामी लीलाशाह सेवा समिति की एक बैठक शनिवार को सुबह कुटिया स्थित सभागार में रखी गई। सेवा समिति के मुखी वासदेव दासवानी एवं राजकुमार लालवानी ने बताया कि स्वामी जी के जन्मोत्सव पर दो दिवसीय कार्यक्रम रखा जाएगा जिसमें 23 मार्च को विशाल रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। ज्ञात हो कि स्वामी लीलाशाह जी महाराज के जन्मदिन के उपलक्ष में गत 14 वर्षों से लगातार रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाता रहा है। इस वर्ष 15वां विशाल रक्तदान शिविर होगा जिसे लेकर विशेष तैयारी की गई है। रक्तदान शिविर के अगले दिन 24 मार्च को सद्गुरु भगवान स्वामी लीलाशाह का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन प्रातः आरती पूजा पाठ एवं संकीर्तन किया जाएगा, दोपहर में कन्या भोज के बाद विशाल भंडारा होगा। संध्या को महाआरती, संकीर्तन, बहराणा साहिब के बाद पल्लव डालकर कार्यक्रम का समापन किया जाएगा।
आज आयोजित हुई सेवा समिति की बैठक में मुखी वासदेव दासवानी, राजकुमार लालवानी, घनश्याम चंचलानी, अशोक महलवानी, दीपक गुरनानी, दिलिप चंदवानी, जाजन मूलानी, भगवानदास शीतलानी, नरेश निहलानी समेत कई सेवादार मौजूद रहे।
(प्रमोद केवलानी) ब्रह्मनिष्ठ महायोगी परमसंत स्वामी लीलाशाह जी महाराज का 145वां जन्मोत्सव 24 मार्च को स्वामी लीलाशाह कुटिया वल्लभग्राम पर धूमधाम से मनाया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर स्वामी लीलाशाह सेवा समिति की एक बैठक शनिवार को सुबह कुटिया स्थित सभागार में रखी गई। सेवा समिति के मुखी वासदेव दासवानी एवं राजकुमार लालवानी ने बताया कि स्वामी जी के जन्मोत्सव पर दो दिवसीय कार्यक्रम रखा जाएगा जिसमें 23 मार्च को विशाल रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। ज्ञात हो कि स्वामी लीलाशाह जी महाराज के जन्मदिन के उपलक्ष में गत 14 वर्षों से लगातार रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाता रहा है। इस वर्ष 15वां विशाल रक्तदान शिविर होगा जिसे लेकर विशेष तैयारी की गई है। रक्तदान शिविर के अगले दिन 24 मार्च को सद्गुरु भगवान स्वामी लीलाशाह का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन प्रातः आरती पूजा पाठ एवं संकीर्तन किया जाएगा, दोपहर में कन्या भोज के बाद विशाल भंडारा होगा। संध्या को महाआरती, संकीर्तन, बहराणा साहिब के बाद पल्लव डालकर कार्यक्रम का समापन किया जाएगा।



