
समीर वानखेड़े:
महायुति सरकार द्वारा एक साल पहले घोषित बहुचर्चित ‘मुख्यमंत्री लड़की बहिन योजना’ ने खूब चर्चा बटोरी और सरकार को इससे काफी फायदा हुआ है। इस योजना के तहत 21 से 65 वर्ष की आयु की पात्र लाभार्थी महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये दिए जाते हैं। पिछले कुछ वर्षों में लगभग एक करोड़ महिलाओं ने इस योजना का लाभ उठाया है और विधानसभा चुनावों में भी महायुति को इसका भरपूर फायदा मिला है। हालाँकि, पिछले कुछ महीनों से इस लड़की बहिन योजना में कई घोटाले और अनियमितताओं की खबरें सामने आ रही हैं। कुछ जगहों पर यह बात सामने आई है कि पुरुषों ने भी इस योजना का लाभ उठाया है, जबकि कुछ जगहों पर यह बात सामने आई है कि इस योजना के पैसों के लालच में आकर महिला सरकारी कर्मचारियों ने भी ठगी की है।
इस योजना में धांधली रोकने के लिए सरकार सत्यापन करा रही है और अब खबर आई है कि जालौन जिले में भी 70 हज़ार लाडली बहनों का सत्यापन किया जाएगा। इसके तहत, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा जिले भर में घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जाएगा।
जालना जिले में एक ही परिवार द्वारा कई हथकंडे अपनाकर लड़की बहिन योजना का लाभ लेने की जानकारी सामने आई है, अब इन लाभार्थी महिलाओं को इस योजना से हटाया जाएगा। इन महिलाओं का नाम योजना से हटाने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा। प्रशासन को जालना जिले की लगभग 70 हज़ार लाभार्थी महिलाओं की सूची सरकार से मिली है और इसी आधार पर घर-घर जाकर यह सत्यापन किया जाएगा।
तत्कालीन महायुति सरकार ने जब विधानसभा चुनाव से पहले इस योजना की शुरुआत की थी, तो उसने बिना ज़्यादा मापदंड के ही सत्यापन के आवेदनों को मंज़ूरी दे दी थी, लेकिन अब इस योजना का वित्तीय बोझ सरकार पर पड़ने के कारण जगह-जगह सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच, जालना ज़िले में लड़की बहिन योजना में 4 लाख 64 हज़ार लाभार्थी शामिल हैं, जिनमें से 70 हज़ार लाभार्थियों का सत्यापन किया जाएगा।
गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली महिलाओं के लिए शुरू की गई इस योजना में कई घोटाले सामने आए हैं और कुछ दिन पहले खबर आई थी कि 14 हजार से ज्यादा पुरुषों ने इस योजना का फायदा उठाकर करोड़ों रुपये का गबन किया है। खुलासा हुआ कि 10 महीने तक लाडली पुरुषों ने हर महीने 1500 रुपये का गबन किया है और बांटी गई रकम 21 करोड़ से ज्यादा है। इससे पहले चौंकाने वाली जानकारी सामने आई थी कि महिला सरकारी कर्मचारियों ने भी इस योजना के पैसे का गबन किया है। यह चौंकाने वाला सच तब सामने आया जब राज्य में 1 लाख 60 हजार से ज्यादा (पुरुष और महिला) कर्मचारियों की जांच की गई। पता चला कि 2 हजार से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों ने लाडली बहन योजना का फायदा उठाकर इसके पैसे का गबन किया था। इसलिए अब सरकार सख्ती से सत्यापन करा रही है।










