

सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_
म्योरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सोमवार को दो अलग-अलग गांवों में सर्पदंश की घटनाओं में दो महिलाओं की मौत हो गई। इन घटनाओं ने क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु दुद्धी भेज दिया है।
पहली घटना: कुंडाडीह गांव में बुजुर्ग महिला की मौत
पहली घटना कुंडाडीह गांव की है, जहां सोमवार दोपहर करीब 2 बजे 60 वर्षीय इंद्रावती देवी पत्नी बीरबल अपने घर में सामान निकाल रही थीं। इस दौरान किसी विषैले जीव ने उन्हें हाथ की उंगली में काट लिया। महिला ने जब परिजनों को इस बारे में बताया, तो उन्होंने देखा कि पास में एक चूहा मौजूद था, जिससे यह भ्रम हुआ कि शायद उसी ने काटा हो।
कुछ ही देर में इंद्रावती की हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) म्योरपुर ले गए। हालांकि, उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। चिकित्सकों के अनुसार यह संभवतः सर्पदंश का मामला था, क्योंकि लक्षण विषैले जीव के डंक से मिलते-जुलते थे।
दूसरी घटना: किरवानी गांव में महिला की मौत, तीन बेटियों की मां थी
दूसरी घटना म्योरपुर क्षेत्र के ही किरवानी गांव में हुई, जहां 32 वर्षीय नीमा देवी पत्नी स्वर्गीय जमुना सोमवार को खेत में घास काटने गई थीं। इसी दौरान किसी विषैले सर्प ने उन्हें पैर में काट लिया। नीमा को जब सांप काटने का अहसास हुआ, तो वह घबराकर दौड़ती हुई घर की ओर आने लगी, लेकिन रास्ते में ही बेहोश होकर गिर पड़ी।
परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें सीएचसी म्योरपुर पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार नीमा के पति की भी तीन महीने पहले लखनऊ में कार्यस्थल पर गिरने से मृत्यु हो चुकी थी। अब तीन छोटी-छोटी बेटियाँ अनाथ हो गई हैं।
इलाके में दहशत, अस्पताल परिसर में मातम
एक ही दिन में दो महिलाओं की सर्पदंश से मौत के बाद गांवों में भय और चिंता का माहौल बन गया है। दोनों मृतकों के परिजन अस्पताल परिसर में फूट-फूटकर रोते नजर आए। बच्चों का विलाप देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।
चिकित्सकों की अपील: करें सतर्कता, रखें सफाई
सीएचसी अधीक्षक डॉ. पी. एन. सिंह ने ग्रामीणों से अपील की है कि घास काटने या खेतों में काम करने से पहले उस स्थान को डंडे से ठोक कर देखें कि वहां कोई विषैला जीव तो नहीं है। साथ ही, घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें और सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें ताकि सर्प या अन्य विषैले जीवों से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।








