
*धनबाद :* केशलपुर मुंडा धौड़ा भूधंसान के बाद विस्थापित हुए 52 परिवारों की तर्ज पर प्रभावित कुम्हार बस्ती के 154 परिवारों ने भी पुनर्वास की मांग को लेकर सोमवार को बंद पड़े अम्बे माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के पैच के समीप प्रदर्शन किया।
बारिश के बीच महिलाएं, पुरुष और बच्चे छाता लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए और प्रबंधन के दोहरे रवैये के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि 30 जून को रामकनाली ओपी परिसर में हुई त्रिपक्षीय वार्ता में प्रबंधन ने आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई, तो वे रामकनाली कोलियरी कार्यालय के सामने एक दिवसीय सांकेतिक धरना देंगे।
ग्रामीण बंटी कुम्हार ने बताया कि पहले भी 5 फरवरी और 17 जुलाई को प्रशासन और बीसीसीएल के उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर गांव की स्थिति से अवगत कराया जा चुका है। कहा कि डीजीएमएस के आदेश पर आउटसोर्सिंग पैच बंद करना सराहनीय पहल है, लेकिन उनका गांव अब पैच के बेहद करीब है और कई घरों में दरारें पड़ चुकी हैं। उनका आग्रह है कि पहले ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास दिया जाए, उसके बाद ही परियोजना का कार्य शुरू किया जाए। बता दें कि 5 सितम्बर को भू धसान की घटना घटी थी, जिसके बाद 52 परिवार को पुनर्वास किया गया है। मौके पर विजय कुम्हार, मीना देवी, मोनी देवी, अमरलता देवी, बिंदु देवी, श्याम पंडित, संतोष पंडित, बजरंगी कुम्हार, धर्मेंद्र पंडित, बोबी देवी, बबलू पंडित सोनू कुम्हार, कुलदीप कुम्हार, टिंकू कुम्हार सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे।











